{"_id":"5aae9f3c4f1c1bbd758b6314","slug":"goddess-temple-resonates-with-cheers","type":"story","status":"publish","title_hn":"जयकारों से गूंजते रहे देवी मंदिर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयकारों से गूंजते रहे देवी मंदिर
ballia
Updated Sun, 18 Mar 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
मां ब्राह्मणी देवी मंदिर के प्रांगण में पूजन-अर्चन के लिए श्रद्धालुओं की लगी कतार ।
- फोटो : अमर उजाला
वासंतिक नवरात्र के पहले दिन रविवार को देवी मंदिर जयकारों और घंटा घड़ियालों से गूंजते रहे। भक्तों ने व्रत रखा और मंदिरों में माता का दर्शन पूजन की अपने को धन्य किया। विधि विधान से मां के भक्तों ने शुभ मुहूर्त में कलश की स्थापना कर परिवार के साथ आराधना की। मां के जयकारो ंसे वातावरण देवीमय हो गया। उधर, प्रमुख मंदिरों के आसपास नारियल, चुनरी और पूजन सामग्रियों की दुकानें लगी रहीं।
नगर के जापलिनगंज दुर्गा मंदिर, गुदरी बाजार दुुर्गा मंदिर, ब्रह्माइन स्थित ब्राह्मणी देवी, शंकरपुर स्थित शांकरी भवानी, कपूरी स्थित कपिलेश्वरी भवानी, सुरही स्थित नवदुर्गा व कालीमंदिर, कोरंटाडीह स्थित मंगलभवानी, उचेड़ा स्थित चंडी भवानी, सोनाडीह स्थित भागेश्वरी-परमेश्वरी देवी आदि मंदिरों पर भोर से ही दर्शन के लिए भक्त लाइन में खड़े हुए। मंदिर का पट खुलने पर भक्तों ने माता के जयकारे लगाए और उनका दर्शन कर उन्हें नारियल, चुनरी, गुडहल के फूल, धूप-अगरबती चढ़ा कर परिवार के सुख समृद्घि की कामना की। देवी दरबार माता रानी के जयकारों से गूंजते रहे।
नवरात्र का पहला दिन होने के कारण मंदिरों में भीड़ थोड़ी कम दिखी। उधर मां के भक्तों ने अपने-अपने घरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ किया।
विज्ञापन
उधर, घरों में भी कलश स्थापना और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह देवीमय हो उठा।
विज्ञापन
नगर के जापलिनगंज दुर्गा मंदिर, गुदरी बाजार दुुर्गा मंदिर, ब्रह्माइन स्थित ब्राह्मणी देवी, शंकरपुर स्थित शांकरी भवानी, कपूरी स्थित कपिलेश्वरी भवानी, सुरही स्थित नवदुर्गा व कालीमंदिर, कोरंटाडीह स्थित मंगलभवानी, उचेड़ा स्थित चंडी भवानी, सोनाडीह स्थित भागेश्वरी-परमेश्वरी देवी आदि मंदिरों पर भोर से ही दर्शन के लिए भक्त लाइन में खड़े हुए। मंदिर का पट खुलने पर भक्तों ने माता के जयकारे लगाए और उनका दर्शन कर उन्हें नारियल, चुनरी, गुडहल के फूल, धूप-अगरबती चढ़ा कर परिवार के सुख समृद्घि की कामना की। देवी दरबार माता रानी के जयकारों से गूंजते रहे।
विज्ञापन
नवरात्र का पहला दिन होने के कारण मंदिरों में भीड़ थोड़ी कम दिखी। उधर मां के भक्तों ने अपने-अपने घरों में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना कर दुर्गा सप्तशती का पाठ आरंभ किया।
विज्ञापन
उधर, घरों में भी कलश स्थापना और मंत्रोच्चार से माहौल पूरी तरह देवीमय हो उठा।