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बच्चे पर जर्मन शेफर्ड से हमले का आरोप: महिला ने DM से की कार्रवाई की मांग, मेडिकल के लिए मांगे 1500; FIR

Thu, 03 Sep 2026 07:26 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Thu, 03 Sep 2026 07:26 PM IST
सार

जिले में बच्चे पर जर्मन शेफर्ड कुत्ते से हमला कराने का आरोप लगाते हुए एक महिला ने जिलाधिकारी से कार्रवाई की मांग की है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। महिला ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्चे की चिकित्सकीय जांच के दौरान रिपोर्ट देने के नाम पर 1,500 रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Allegation of German Shepherd attack on child Woman seeks action from DM ballia 1500 demanded medical FIR
एफआईआर दर्ज। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

बलिया के खेजुरी थाना क्षेत्र के जिगिड़सर गांव में एक बच्चे पर जर्मन शेफर्ड कुत्ते से हमला कराने का आरोप लगाते हुए उसकी मां ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। महिला का आरोप है कि घटना में उसका बच्चा घायल हो गया, जिसका उपचार खेजुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कराया गया। मामले में पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर प्राथमिकी भी दर्ज की है।

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जिगिड़सर गांव निवासी रीना देवी पत्नी लाल साहब ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि 28 अगस्त को उनके बच्चे नितेश को उसके पट्टीदार के पुत्र ने कथित तौर पर जर्मन शेफर्ड कुत्ते से कटवा दिया। विरोध करने पर आरोपियों की ओर से धमकी भी दी गई। घटना के बाद बच्चे का उपचार खेजुरी सीएचसी में कराया गया। 

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महिला ने सीएचसी में मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर 1500 रुपये लिए जाने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपये लेने के बावजूद मेडिकल रिपोर्ट सही तरीके से तैयार नहीं की गई। महिला ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. रत्नेश कुमार ने महिला के आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि घटना 28 अगस्त की है, जबकि महिला दो सितंबर को बच्चे को लेकर सीएचसी पहुंची। उनके मुताबिक महिला मेडिकल रिपोर्ट में बदलाव कराने का दबाव बना रही थीं। ऐसा करने से मना करने पर इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।

सीएचसी प्रभारी ने बताया कि बच्चे की मेडिकल रिपोर्ट में जांच के दौरान मिले सभी घावों का उल्लेख किया गया है। घाव सूख चुके थे, इसके बावजूद रिपोर्ट में एंटी रेबीज इंजेक्शन सहित आवश्यक चिकित्सकीय उपचार का उल्लेख किया गया है। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने के नाम पर रुपये लिए जाने के आरोप से भी इनकार किया।

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