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टेली लॉ सर्विस से घर बैठे मिल रही कानूनी सलाह, 407 ने कराया पंजीकरण
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बलिया। टेली लॉ सर्विस के तहत अब दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाला, समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति भी कॉमन सर्विस सेंटर से सलाह ले सकता है। कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग अथवा मोबाइल फोन के जरिए विधिक सलाह ले सकता है। इस सुविधा के लिए एक माह में 407 लोगों ने पंजीकरण कराया है।
कानून मंत्रालय व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से टेली लॉ सर्विस शुरू की गई है। इसके तहत सीएससी पर कानूनी सहायता नि:शुल्क प्रदान की जाती है। परेशानियों के निवारण के लिए टेली लॉ सर्विस के तहत जनपदवार पैनल गठित करके अधिवक्ताओं को नियुक्त किया गया है। जुलाई से प्रारंभ हुई टेली लॉ सर्विस से विधिक सलाह लेने के लिए जिले के 407 लोगों ने पंजीकरण कराया है और अब उनकी जरूरत के मुताबिक विधिक सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। टेली लॉ सर्विस के माध्यम से कानूनी सलाह के लिए संबंधित व्यक्ति को सीएससी पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद उसे एसएमएस के माध्यम से निर्धारित तिथि व समय की जानकारी दी जाती है। निर्धारित तिथि व समय पर सीएससी पहुंचकर वह चयनित पैनल अधिवक्ता से फोन व वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने प्रकरण से संबंधित कानूनी जानकारी ले सकता है।
यह है टेली लॉ
सरकार ने न्याय प्रणाली को सरल बनाने के लिए टेली लॉ पोर्टल की शुरुआत की है। टेली लॉ संचार व सूचना तकनीक का इस्तेमाल कर वकीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मध्य ई-संवाद अर्थात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कॉमन सर्विस सेंटरों में उपस्थित वकीलों के पैनल के माध्यम से कानूनी सूचना व कानूनी सलाह नि:शुल्क प्रदान करता है।
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इन मामलों में दी जाती है सलाह
दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक और घरेलू हिंसा, कार्य स्थल या किसी भी अन्य जगह यौन हिंसा से बचाव, महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के भरण-पोषण से संबंधित मामले, संपत्ति और जमीन के अधिकार संबंधित मामले, महिला व पुरुष के बराबर वेतन का मामला, बाल मजदूरी, बाल विवाह के मामले, एफआईआर दर्ज कराने व जमानत संबंधी मामले, अनुसूचित जाति- जनजाति पर अत्याचार व पुनर्वास से संबंधित मामले।
इनके लिए है सेवा
18 आयु से कम उम्र के बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति, देह व्यापार के शिकार, मानसिक रूप से बीमार, दिव्यांग, प्राकृतिक आपदा व जातीय हिंसा के शिकार, असंगठित क्षेत्रों के कामगार, निम्न आय वाले लोग, हिरासत में लिए गए व सीमांत श्रेणी के लोग।
टेली लॉ के माध्यम से आम आदमी कॉमन सर्विस सेंटर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वकीलों से कानूनी सलाह नि:शुल्क प्राप्त कर सकता है। इसमें भागदौड़ व अधिक फीस से भी छुटकारा मिलता है। - हंसराज तिवारी, पैनल अधिवक्ता, टेली लॉ, बलिया।
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कानून मंत्रालय व राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से टेली लॉ सर्विस शुरू की गई है। इसके तहत सीएससी पर कानूनी सहायता नि:शुल्क प्रदान की जाती है। परेशानियों के निवारण के लिए टेली लॉ सर्विस के तहत जनपदवार पैनल गठित करके अधिवक्ताओं को नियुक्त किया गया है। जुलाई से प्रारंभ हुई टेली लॉ सर्विस से विधिक सलाह लेने के लिए जिले के 407 लोगों ने पंजीकरण कराया है और अब उनकी जरूरत के मुताबिक विधिक सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। टेली लॉ सर्विस के माध्यम से कानूनी सलाह के लिए संबंधित व्यक्ति को सीएससी पर जाकर अपने मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन कराना होता है। इसके बाद उसे एसएमएस के माध्यम से निर्धारित तिथि व समय की जानकारी दी जाती है। निर्धारित तिथि व समय पर सीएससी पहुंचकर वह चयनित पैनल अधिवक्ता से फोन व वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अपने प्रकरण से संबंधित कानूनी जानकारी ले सकता है।
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यह है टेली लॉ
सरकार ने न्याय प्रणाली को सरल बनाने के लिए टेली लॉ पोर्टल की शुरुआत की है। टेली लॉ संचार व सूचना तकनीक का इस्तेमाल कर वकीलों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मध्य ई-संवाद अर्थात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कॉमन सर्विस सेंटरों में उपस्थित वकीलों के पैनल के माध्यम से कानूनी सूचना व कानूनी सलाह नि:शुल्क प्रदान करता है।
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इन मामलों में दी जाती है सलाह
दहेज, पारिवारिक विवाद, तलाक और घरेलू हिंसा, कार्य स्थल या किसी भी अन्य जगह यौन हिंसा से बचाव, महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के भरण-पोषण से संबंधित मामले, संपत्ति और जमीन के अधिकार संबंधित मामले, महिला व पुरुष के बराबर वेतन का मामला, बाल मजदूरी, बाल विवाह के मामले, एफआईआर दर्ज कराने व जमानत संबंधी मामले, अनुसूचित जाति- जनजाति पर अत्याचार व पुनर्वास से संबंधित मामले।
इनके लिए है सेवा
18 आयु से कम उम्र के बच्चे, अनुसूचित जाति-जनजाति, देह व्यापार के शिकार, मानसिक रूप से बीमार, दिव्यांग, प्राकृतिक आपदा व जातीय हिंसा के शिकार, असंगठित क्षेत्रों के कामगार, निम्न आय वाले लोग, हिरासत में लिए गए व सीमांत श्रेणी के लोग।
टेली लॉ के माध्यम से आम आदमी कॉमन सर्विस सेंटर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये वकीलों से कानूनी सलाह नि:शुल्क प्राप्त कर सकता है। इसमें भागदौड़ व अधिक फीस से भी छुटकारा मिलता है। - हंसराज तिवारी, पैनल अधिवक्ता, टेली लॉ, बलिया।