फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Expensive brands missing from English liquor shops

अंग्रेजी शराब की दुकानों से महंगे ब्रांड गायब

Thu, 10 Feb 2022 11:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 11:39 PM IST
विज्ञापन
Expensive brands missing from English liquor shops
बलिया। जिले में अंग्रेजी शराब की दुकानों से तमाम ब्रांड गायब होते जा रहे हैं। जो ब्रांड बचे भी हैं उनकी कालाबाजारी की जा रही है। माना जा रहा है कि चुनाव में उतरे उम्मीदवार शराब वोटरों तक पहुंचाने के लिए पहले से ही डंप करने लगे हैं। इसी वजह से ऐसे हालात बन रहे हैं। हालांकि, आबकारी विभाग के अफसरों का दावा है कि पंचायत के चुनाव के दौरान शराब की खपत ज्यादा होती है, लेकिन विधानसभा के चुनाव में ऐसा कुछ नहीं है।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर की परिधि में स्टेशन रोड, कदम चौराहा और कासिमबाजार समेत कई स्थानों पर देसी, विदेशी और बियर की दुकानें हैं। सर्दियों में दुकानों में रम की खपत ज्यादा है। जिले में आचार संहिता लागू होने के बाद से अचानक रम के महंगे ब्रांड दुकानों से गायब हो गए हैं। अंग्रेजी शराब की दुकानों में 140 रुपये प्रति क्वार्टर से अधिक दर का एक भी रम का ब्रांड नहीं हैं। जो उपलब्ध है उसकी भी कालाबाजारी की जा रही है। दुकानों पर लोगों को जबरन किसी भी ब्रांड की शराब थोपी जा रही है। इसके अलावा कुछ दुकानों पर ग्राहकों को उपलब्ध शराब भी महंगे दामों पर बेची जा रही है। एक दुकानदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यालय के समीप ही विधानसभा का चुनाव लड़ रहे एक प्रत्याशी ने अपना कार्यालय बनाया है। वहां पर रोजाना कई पेटी शराब की खपत होती है।
विज्ञापन

-----
हर रोज स्टॉक का मिलान, आयोग की भी है नजर
आमतौर पर शराब की बिक्री का रिकार्ड माह के अंत में तैयार होता है। अनुज्ञापी माह के अंत में अपनी बिक्री व शेष स्टॉक का रिकार्ड भेजते हैं और फिर जिलास्तर से समग्र रिपोर्ट बनकर मुख्यालय भेजी जाती है। विधानसभा चुनाव में इस बात की प्रबल आशंका होती है कि मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए उम्मीदवारों या उनके समर्थकों की ओर से शराब का प्रयोग किया जा सकता है। इस पर रोक लगाने के उद्देश्य से विभाग ने जिले में बिकने वाली शराब की एक एक बोतल का हिसाब लेना शुरू कर दिया है। हर दिन की बिक्री का हिसाब लेने के लिए हल्का सिपाहियों को लगाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
25 फीसदी से अधिक बिक्री पर होगी जांच
आबकारी विभाग के अफसरों का कहना है कि रोजाना तैयार हो रही रिपोर्ट के जरिए निगरानी की जा रही है कि शराब की बिक्री में कहीं अप्रत्याशित उछाल तो नहीं आई। इसके लिए औसत बिक्री को आधार बनाया जा रहा है। 25 फीसदी से ज्यादा उछाल की स्थिति में जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही आबकारी व जिला प्रशासन और पुलिस की छह संयुक्त टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार शराब कारोबारियों व बाहर से आने वाली शराब पर नजर रख रही हैं। साथ ही अवैध कारोबार करने वालों के खिलाफ कारवाई कर रही है।

----
आंकड़ों पर एक नजर
-कुल अनुज्ञापी 232 (देशी, अंग्रेजी शराब, मॉडल शाप, बार)
---
रोजाना की औसत बिक्री
-अंग्रेजी- 5 हजार लीटर
-देशी 9 से 10 हजार लीटर
---
मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए कहीं शराब का इस्तेमाल न हो, इसके लिए बिक्री और स्टॉक के रिकार्ड की रोजाना रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। कहीं भी अप्रत्याशित वृद्धि की सूचना मिलती है, तो संबंधित लोगों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। गलत रिपोर्ट मिलने पर कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाएगी।
अनुपम राजन, जिला आबकारी अधिकारी, बलिया।
---
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed