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Ballia News: कामजी गोंड की मौत के मामले में नौ दिन बाद भी सभी छह आरोपी पकड़ से दूर
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बलिया। रेवती थाना क्षेत्र के गायघाट के लाला टोला निवासी कामजी गोंड की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के नौ दिन बाद भी नामजद छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
कामजी के पुत्र विशाल गोंड की तहरीर पर ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, उनके चालक मोहित यादव, रेवती थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, सूरज कन्नौजिया सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
घटना के बाद रेवती थानाध्यक्ष राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
राजनीतिक और परिजनों की मांग पर जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए एडीएम अनिल कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एडीएम ने 24 जुलाई को घटना से संबंधित वीडियो, फोटो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की आमजन से अपील की है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। दूसरी ओर, दर्ज मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी लाइन मंजरी राव कर रही हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस कामजी गोंड की पूर्व बीमारी और चिकित्सकीय इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
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इस बाबत सीओ मंजरी राव का कहना है कि जांच में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। जिससे उन्हें कोर्ट में राहत न मिले। फिलहाल नामजद सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं।
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कामजी के पुत्र विशाल गोंड की तहरीर पर ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह, उनके चालक मोहित यादव, रेवती थाने के तत्कालीन उपनिरीक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह, सूरज कन्नौजिया सहित छह लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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घटना के बाद रेवती थानाध्यक्ष राजकेशर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया था।
राजनीतिक और परिजनों की मांग पर जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश देते हुए एडीएम अनिल कुमार को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। एडीएम ने 24 जुलाई को घटना से संबंधित वीडियो, फोटो या अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की आमजन से अपील की है, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। दूसरी ओर, दर्ज मुकदमे की विवेचना क्षेत्राधिकारी लाइन मंजरी राव कर रही हैं। उन्होंने मृतक के परिजनों और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं तथा मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है। पुलिस कामजी गोंड की पूर्व बीमारी और चिकित्सकीय इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है।
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इस बाबत सीओ मंजरी राव का कहना है कि जांच में पर्याप्त और ठोस साक्ष्य मिलने के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। जिससे उन्हें कोर्ट में राहत न मिले। फिलहाल नामजद सभी आरोपियों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं।