{"_id":"6929dc73abc5589c8f07fe70","slug":"election-commission-has-become-a-puppet-of-bjp-ramashankar-ballia-news-c-190-1-bal1001-152923-2025-11-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बना : रमाशंकर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बना : रमाशंकर
विज्ञापन
बांसडीह। आंबेडकर तिराहे पर बृहस्पतिवार को सलेमपुर सांसद रमाशंकर राजभर ने कहा कि चुनाव आयोग भाजपा की कठपुतली बन गया है। गरीबों, वंचितों और पिछड़ों का वोट काटने की साज़िश चल रही है। सांसद ने दावा किया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) की जमीनी हालत खराब है। बीएलओ बूथों पर उपलब्ध ही नहीं हैं। घर-घर सर्वे का काम लगभग ठप है।
आज तक यह तय नहीं हो पाया कि बीएलओ किस दिन अपने बूथ पर रहेंगे। कई बीएलओ बूथ छोड़कर किसी परिचित के घर जाकर बैठ जा रहे हैं। गरीब मतदाता ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूक लोग दस्तावेज जमा कर देंगे, लेकिन गरीब मतदाता फोटो खिंचवाने तक में सक्षम नहीं। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में समय लगता है। ऐसे में वह दस्तावेज कहां से जुटाएंगे। गरीब और अनपढ़ मतदाता सबसे ज्यादा नुकसान में हैं। चुनाव आयोग आंखें मूंदे बैठा है। सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर आयोग गरीबों और वंचितों को वोट के अधिकार से वंचित कर रहा है। सांसद ने जिला निर्वाचन अधिकारी और सहायक चुनाव अधिकारी से मांग की कि बीएलओ के बूथ पर रहने का निर्धारित दिन घोषित किया जाए, उसकी खुली घोषणा हो। हर गांव में बताया जाए कि किस दिन बूथ पर फॉर्म भरे जाएंगे। 1200 मानक बनाकर बूथ तैयार किए गए, लेकिन कई गांवों में सिर्फ 10 वोट ही बढ़ सके। उन्होंने कहा कि कम से कम तीन महीने इसकी अवधि बढ़ाई जाए। रमाशंकर राजभर ने कहा कि अधिकारियों का दबाव बढ़ने से बीएलओ तनाव में हैं। वे आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे मामलों में संबंधित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
विज्ञापन
आज तक यह तय नहीं हो पाया कि बीएलओ किस दिन अपने बूथ पर रहेंगे। कई बीएलओ बूथ छोड़कर किसी परिचित के घर जाकर बैठ जा रहे हैं। गरीब मतदाता ठगा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूक लोग दस्तावेज जमा कर देंगे, लेकिन गरीब मतदाता फोटो खिंचवाने तक में सक्षम नहीं। जन्म प्रमाणपत्र बनवाने में समय लगता है। ऐसे में वह दस्तावेज कहां से जुटाएंगे। गरीब और अनपढ़ मतदाता सबसे ज्यादा नुकसान में हैं। चुनाव आयोग आंखें मूंदे बैठा है। सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर आयोग गरीबों और वंचितों को वोट के अधिकार से वंचित कर रहा है। सांसद ने जिला निर्वाचन अधिकारी और सहायक चुनाव अधिकारी से मांग की कि बीएलओ के बूथ पर रहने का निर्धारित दिन घोषित किया जाए, उसकी खुली घोषणा हो। हर गांव में बताया जाए कि किस दिन बूथ पर फॉर्म भरे जाएंगे। 1200 मानक बनाकर बूथ तैयार किए गए, लेकिन कई गांवों में सिर्फ 10 वोट ही बढ़ सके। उन्होंने कहा कि कम से कम तीन महीने इसकी अवधि बढ़ाई जाए। रमाशंकर राजभर ने कहा कि अधिकारियों का दबाव बढ़ने से बीएलओ तनाव में हैं। वे आत्महत्या कर रहे हैं। ऐसे मामलों में संबंधित परिवार को कम से कम एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
विज्ञापन