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कौशल विकास के जरिए महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर हुई चर्चा
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बलिया। मिशन शक्ति के तृतीय चरण के अंतर्गत जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को महिला उद्यमिता के विकास विषय पर वेबिनार हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. जीएन तिवारी ने महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर बल दिया। इसके लिए महिलाओं के कौशल विकास की बात कही। उन्हें कृषि आधारित कुटीर और लघु उद्योग जैसे टोमेटो सॉस, पोटैटो चिप्स आदि के निर्माण के अतिरिक्त सौर ऊर्जा से चलने वाली लालटेन आदि के निर्माण को अपनाने का सुझाव दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति ने कहा कि शिक्षा और संस्कार दोनों जिस व्यक्ति में हों उसे ही शिक्षित कहा जा सकता है अन्यथा वह साक्षर तो हो सकती है, किंतु शिक्षित नहीं मानी जाएगी। उन्होंने नारी के उच्छृंखलता रहित रहन-सहन, वेशभूषा, हावभाव पर बल दिया। कहा कि नारी का व्यक्तित्व समाज को एक नई दिशा प्रदान कर सकता है और इसमें विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक निदेशक डॉ. गणेश कुमार पाठक ने कहा कि मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की हर क्षेत्र में प्रगति के साथ समाज की मुख्य धारा में सम्मिलित करना है। बता दें कि मिशन शक्ति के तहत 25 अगस्त को एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसके विजेताओं में प्रीति सिंह, अभिनव दुबे, हरीश यादव, संजना सिंह, अदिति सिंह ने भी वेबिनार में अपने विचार रखें। संचालन डॉ. अपराजिता उपाध्याय, अतिथि स्वागत डॉ. सुचेता प्रकाश, विषय प्रवर्तन नेहा विशेन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीषा सिंह द्वारा किया गया। इसमें डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ रामकृष्ण उपाध्याय, डॉ गौरीशंकर द्विवेदी, डॉ अरविंद नेत्र पांडेय, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. निशा राघव, डॉ. रामशरण पांडेय, डॉ. जैनेंद्र पांडेय, डॉ. अमलदार नीहार, डॉ. शैलेंद्र राय आदि उपस्थित रहे।
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अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति ने कहा कि शिक्षा और संस्कार दोनों जिस व्यक्ति में हों उसे ही शिक्षित कहा जा सकता है अन्यथा वह साक्षर तो हो सकती है, किंतु शिक्षित नहीं मानी जाएगी। उन्होंने नारी के उच्छृंखलता रहित रहन-सहन, वेशभूषा, हावभाव पर बल दिया। कहा कि नारी का व्यक्तित्व समाज को एक नई दिशा प्रदान कर सकता है और इसमें विश्वविद्यालय की एक महत्वपूर्ण भूमिका है। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक निदेशक डॉ. गणेश कुमार पाठक ने कहा कि मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य महिलाओं की हर क्षेत्र में प्रगति के साथ समाज की मुख्य धारा में सम्मिलित करना है। बता दें कि मिशन शक्ति के तहत 25 अगस्त को एक निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था, जिसके विजेताओं में प्रीति सिंह, अभिनव दुबे, हरीश यादव, संजना सिंह, अदिति सिंह ने भी वेबिनार में अपने विचार रखें। संचालन डॉ. अपराजिता उपाध्याय, अतिथि स्वागत डॉ. सुचेता प्रकाश, विषय प्रवर्तन नेहा विशेन तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. मनीषा सिंह द्वारा किया गया। इसमें डॉ. प्रतिभा त्रिपाठी, डॉ रामकृष्ण उपाध्याय, डॉ गौरीशंकर द्विवेदी, डॉ अरविंद नेत्र पांडेय, डॉ. अशोक सिंह, डॉ. निशा राघव, डॉ. रामशरण पांडेय, डॉ. जैनेंद्र पांडेय, डॉ. अमलदार नीहार, डॉ. शैलेंद्र राय आदि उपस्थित रहे।
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