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मूक बधिर से जबरन कराया बैनामा
अमर उजाला ब्यूरो बलिया
Updated Thu, 04 Feb 2016 10:38 PM IST
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कोतवाली क्षेत्र के सडौली के एक मूक बधिर व्यक्ति से भूमाफिया ने औने-पौने दाम में उसकी करोड़ों की जमीन का जबरन बैनामा कराकर उसके खाते में मात्र 25 लाख रुपये जमा करा दिए।
कई बार पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़ित की पत्नी ने इसकी शिकायत गुरुवार को एसपी से की। उधर, एचडीएफसी बैंक कर्मियों की मिलीभगत से इस पीड़ित व्यक्ति के खाते से 23 लाख रुपये भी निकाल लिए गए। शिकायत मिलने पर बैंक के उच्चाधिकारियों ने पूरे स्टाफ को बदलकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सडौली की टूनी देवी ने गुरुवार को एसपी को पत्रक देकर बताया कि वह अपने मूक बधिर पति रामजी सिंह के साथ दवा कराने तीन माह पहले रसड़ा सीएचसी गई थी।
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भृगु आश्रम के सतनी सराय निवासी एक भू-माफिया उन्हें अपने सहयोगियों के साथ रजिस्ट्री आफिस में काम करने वाले एक व्यक्ति के घर ले गया और पहले से तैयार रजिस्ट्री स्टांप पर सड़ौली मौजा के आराजी नंबर 54 के 1.033 हेक्टेयर भूमि पर हस्ताक्षर कराने के साथ ही अंगूठा भी लगवा लिया।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बदले भू-माफिया ने उनके पति के बैंक खाते में मात्र 25 लाख रुपये जमा कर दिए, जबकि जमीन करोड़ों की है। महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उधर,
रामजी सिंह के एचडीएफसी बैंक रसड़ा के खाते से बैंककर्मियों की मिलीभगत से आठ किस्तों में 23 लाख रुपये एक माह में निकाल लिए गए। पत्नी टूनी देवी को 29 जनवरी को इसकी जानकारी हुई।
तब टूनी देवी ने बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत की और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा। बकौल टूनी देवी, बैंककर्मियों ने अलग-अलग दिन बैंक की जरूरत बताते हुए उसके पति से आठ चेक पर हस्ताक्षर कराए थे।
उसके बैंक खाते से चेक द्वारा तीन नवंबर को तीन लाख, छह नवंबर को चार लाख, 10 नवंबर को तीन लाख, 17 नवंबर को तीन लाख, 19 नवंबर को दो लाख, 23 नवंबर को एक लाख, 15 दिसंबर को छह लाख और 23 दिसंबर को एक लाख रुपये निकाले गए हैं।
जब शिकायत बैंक के हेड ऑफिस मुंबई पहुंची तो एक टीम ने यहां के सभी कर्मचारियों को हटाकर जांच बैठा दी। इस बाबत बैंक प्रबंधक अमित कुमार तिवारी ने बताया कि जानकारी होने के बाद उच्चाधिकारियों ने यहां के पूरे स्टाफ को बदल कर नई टीम लगाते हुए जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कई बार पुलिस से शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़ित की पत्नी ने इसकी शिकायत गुरुवार को एसपी से की। उधर, एचडीएफसी बैंक कर्मियों की मिलीभगत से इस पीड़ित व्यक्ति के खाते से 23 लाख रुपये भी निकाल लिए गए। शिकायत मिलने पर बैंक के उच्चाधिकारियों ने पूरे स्टाफ को बदलकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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सडौली की टूनी देवी ने गुरुवार को एसपी को पत्रक देकर बताया कि वह अपने मूक बधिर पति रामजी सिंह के साथ दवा कराने तीन माह पहले रसड़ा सीएचसी गई थी।
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भृगु आश्रम के सतनी सराय निवासी एक भू-माफिया उन्हें अपने सहयोगियों के साथ रजिस्ट्री आफिस में काम करने वाले एक व्यक्ति के घर ले गया और पहले से तैयार रजिस्ट्री स्टांप पर सड़ौली मौजा के आराजी नंबर 54 के 1.033 हेक्टेयर भूमि पर हस्ताक्षर कराने के साथ ही अंगूठा भी लगवा लिया।
विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बदले भू-माफिया ने उनके पति के बैंक खाते में मात्र 25 लाख रुपये जमा कर दिए, जबकि जमीन करोड़ों की है। महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उधर,
रामजी सिंह के एचडीएफसी बैंक रसड़ा के खाते से बैंककर्मियों की मिलीभगत से आठ किस्तों में 23 लाख रुपये एक माह में निकाल लिए गए। पत्नी टूनी देवी को 29 जनवरी को इसकी जानकारी हुई।
तब टूनी देवी ने बैंक के उच्चाधिकारियों से शिकायत की और मुख्यमंत्री तथा प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा। बकौल टूनी देवी, बैंककर्मियों ने अलग-अलग दिन बैंक की जरूरत बताते हुए उसके पति से आठ चेक पर हस्ताक्षर कराए थे।
उसके बैंक खाते से चेक द्वारा तीन नवंबर को तीन लाख, छह नवंबर को चार लाख, 10 नवंबर को तीन लाख, 17 नवंबर को तीन लाख, 19 नवंबर को दो लाख, 23 नवंबर को एक लाख, 15 दिसंबर को छह लाख और 23 दिसंबर को एक लाख रुपये निकाले गए हैं।
जब शिकायत बैंक के हेड ऑफिस मुंबई पहुंची तो एक टीम ने यहां के सभी कर्मचारियों को हटाकर जांच बैठा दी। इस बाबत बैंक प्रबंधक अमित कुमार तिवारी ने बताया कि जानकारी होने के बाद उच्चाधिकारियों ने यहां के पूरे स्टाफ को बदल कर नई टीम लगाते हुए जांच शुरू कर दी है।
जांच के बाद जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।