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खसरे का टीका लगने के 18 घंटे बाद बच्चे की मौत
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Wed, 19 Oct 2016 07:21 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय भुसौला पर मंगलवार को शिविर लगाकर बच्चों को खसरा का टीका लगाया गया। कैंप में टीकाकरण के बाद एक बच्चे को बुखार हो गया। बुधवार की सुबह उसकी स्थिति काफी बिगड़ गई। परिवारजनों ने उसे सीएचसी सोनबरसा पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शुरू में तो परिवारजनों ने टीकाकरण को मौत का कारण बताया, लेकिन बाद में मुकर गए। विभाग की माने तो बच्चे की मौत टीके से नहीं बल्कि अन्य कारणों से हुई है।
क्षेत्र के भुसौला स्कूल पर मंगलवार को टीकाकरण शिविर लगा था। शिविर में भुसौला निवासी एक वर्षीय कृष्णा पुत्र प्रभुनाथ गुप्ता को एएनएम ने खसरे का टीका लगाया। करीब 6 घंटे बाद बच्चे को बुखार आया। परिजनों से बताया गया था कि टीके के वजह से हल्का बुखार आ सकता है, लेकिन बुखार की दवा नहीं देनी है। रात भर बच्चा बुखार से परेशान था।
बुधवार के भोर में बच्चा अचानक हिचकी लेने लगा। परिजन उसको लेकर सोनबरसा स्थित सीएचसी पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। शुरू में तो परिवारजनों ने खसरे के टीके को मौत का जिम्मेदार ठहराया। लेकिन बाद में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। एएनएम के मुताबिक टीका लगाते समय बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था। इस बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी मुरली छपरा व्यास जी ने कहा की मौत की वजह दूसरी है। क्योंकि एक वैक्सीन में 4 बच्चों की टीका लगाया जाता है। तीन और बच्चे को उसी वैक्सीन से टीका लगाया गया था, उन लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई है।
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क्षेत्र के भुसौला स्कूल पर मंगलवार को टीकाकरण शिविर लगा था। शिविर में भुसौला निवासी एक वर्षीय कृष्णा पुत्र प्रभुनाथ गुप्ता को एएनएम ने खसरे का टीका लगाया। करीब 6 घंटे बाद बच्चे को बुखार आया। परिजनों से बताया गया था कि टीके के वजह से हल्का बुखार आ सकता है, लेकिन बुखार की दवा नहीं देनी है। रात भर बच्चा बुखार से परेशान था।
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बुधवार के भोर में बच्चा अचानक हिचकी लेने लगा। परिजन उसको लेकर सोनबरसा स्थित सीएचसी पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। शुरू में तो परिवारजनों ने खसरे के टीके को मौत का जिम्मेदार ठहराया। लेकिन बाद में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया। एएनएम के मुताबिक टीका लगाते समय बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ था। इस बाबत प्रभारी चिकित्साधिकारी मुरली छपरा व्यास जी ने कहा की मौत की वजह दूसरी है। क्योंकि एक वैक्सीन में 4 बच्चों की टीका लगाया जाता है। तीन और बच्चे को उसी वैक्सीन से टीका लगाया गया था, उन लोगों को कोई परेशानी नहीं हुई है।
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