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हत्यारोपी सास को दस वर्ष की कैद
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Mon, 03 Oct 2016 08:16 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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दहेज हत्यारोपी सास के विरुद्ध दोष साबित पाकर कोर्ट ने उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अमर पाल सिंह की अदालत में हुई। जबकि आरोपी ससुर साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार उभांव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड कस्बा निवासी चंदन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन माधुरी की शादी 28 अप्रैल 2004 को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सिनौली निवासी बलराम सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही माधुरी के ससुर पारस नाथ, सास भद्रावती सिंह व पत्नी संग्राम सिंह दहेज में सोने की चेन, बाइक टीवी-फ्रीज की मांग करते थे।
नहीं देने पर चार अक्टूबर 2005 माधुरी को जला दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी सास भद्रावती सिंह के विरूद्ध दोष साबित पाते हुए दोष सिद्ध करार दिया। उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये से दंडित किया। वहीं ससुर पारस नाथ सिंह साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिए गए तथा आरोपी पत्नी संग्राम सिंह की दौरान विचारण मृत्यु हो गई है। अभियोजन की ओर से अपर डीजीसी भरत तिवारी तथा बचाव पक्ष से विनय प्रकाश राय ने पैरवी की।
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अभियोजन के अनुसार उभांव थाना क्षेत्र के बेल्थरारोड कस्बा निवासी चंदन सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी बहन माधुरी की शादी 28 अप्रैल 2004 को सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के सिनौली निवासी बलराम सिंह के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही माधुरी के ससुर पारस नाथ, सास भद्रावती सिंह व पत्नी संग्राम सिंह दहेज में सोने की चेन, बाइक टीवी-फ्रीज की मांग करते थे।
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नहीं देने पर चार अक्टूबर 2005 माधुरी को जला दिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए आरोपी सास भद्रावती सिंह के विरूद्ध दोष साबित पाते हुए दोष सिद्ध करार दिया। उसे दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये से दंडित किया। वहीं ससुर पारस नाथ सिंह साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत बरी कर दिए गए तथा आरोपी पत्नी संग्राम सिंह की दौरान विचारण मृत्यु हो गई है। अभियोजन की ओर से अपर डीजीसी भरत तिवारी तथा बचाव पक्ष से विनय प्रकाश राय ने पैरवी की।
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