{"_id":"5c0410cebdec2241554061f0","slug":"81543770318-ballia-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चूल्हे की चिंगारी से चार रिहायशी झोपड़ी जलकर राख","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चूल्हे की चिंगारी से चार रिहायशी झोपड़ी जलकर राख
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रसड़ा। कोटवारी मोड़ स्थित निसिद्दी पीर बाबा मजार के समीप रविवार की दोपहर चूल्हे की चिंगारी से चार रिहायशी झोपड़ियां जल गई। घंटों मशक्कत के बाद लोग आग पर काबू पाते तब तक एक लाख नकदी समेत दो लाख रुपयों के सामान जलकर स्वाहा हो गए।
बताया जाता है कि घूरा राम की रिहायशी झोपड़ी में चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई। लोग आग पर काबू पाने का प्रयास करते तब तक उसके पुत्र संतोष, जवाहिर, मनजीत की रिहायशी झोपड़ियों को भी आग ने अपने आगोश में ले लिया।
अगलगी में घूरा राम की झोपड़ियों में रखा एक लाख नगदी एवं जवाहिर व मनजीत की झोपड़ी में रखे अनाज व अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं जलकर राख हो गईं। अगलगी के समय महिलाएं ही घर पर थीं। जबकि पुरुष बाहर कमाने गए हुये हैं। फायर ब्रिगेड भी आग पर काबू पाने के बाद पहुंचा। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने पर मजबूर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया जाता है कि घूरा राम की रिहायशी झोपड़ी में चूल्हे की चिंगारी से आग लग गई। लोग आग पर काबू पाने का प्रयास करते तब तक उसके पुत्र संतोष, जवाहिर, मनजीत की रिहायशी झोपड़ियों को भी आग ने अपने आगोश में ले लिया।
विज्ञापन
अगलगी में घूरा राम की झोपड़ियों में रखा एक लाख नगदी एवं जवाहिर व मनजीत की झोपड़ी में रखे अनाज व अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं जलकर राख हो गईं। अगलगी के समय महिलाएं ही घर पर थीं। जबकि पुरुष बाहर कमाने गए हुये हैं। फायर ब्रिगेड भी आग पर काबू पाने के बाद पहुंचा। पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने पर मजबूर है।
विज्ञापन