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दो सगे भाइयों को दस वर्ष कारावास
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
Updated Tue, 06 Sep 2016 08:06 PM IST
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आज से करीब चार वर्ष पूर्व भाई का घर जलाने के मामले में दोष साबित होने पर कोर्ट ने आरोपी दो भाइयों को दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम मनोज कुमार राय की अदालत में हुई।
अभियोजन के अनुसार नगरा थाना क्षेत्र के रेकुआ नसीरपुर निवासी वादी मुकदमा हर्ष नारायण सिंह ने थाने में 25 अक्टूबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 24 अक्टूबर 2012 को रात करीब आठ बजे उनके भाई उदय प्रताप सिंह और हृदय नारायण सिंह उनके घर पर आकर भद्दी-भद्दी गाली देने लगे। इसबीच मेरी पत्नी मनोरमा देवी घर से बाहर निकली तो हृदय नारायण सिंह ने कहा कि पूरे परिवार को जलाकर मार डालो।
उनके कहने पर उक्त दोनों व्यक्ति उनके मड़हे में आग लगा दिए। इस मामले में पुलिस के आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य का न्यायिक परिसीलन कर दोनों आरोपी के विरुद्ध घर जलाने का जुर्म साबित पाकर उन्हें दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी धनंजय उपाध्याय तथा बचाव पक्ष से रमाकांत सिंह ने पैरवी की।
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अभियोजन के अनुसार नगरा थाना क्षेत्र के रेकुआ नसीरपुर निवासी वादी मुकदमा हर्ष नारायण सिंह ने थाने में 25 अक्टूबर 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 24 अक्टूबर 2012 को रात करीब आठ बजे उनके भाई उदय प्रताप सिंह और हृदय नारायण सिंह उनके घर पर आकर भद्दी-भद्दी गाली देने लगे। इसबीच मेरी पत्नी मनोरमा देवी घर से बाहर निकली तो हृदय नारायण सिंह ने कहा कि पूरे परिवार को जलाकर मार डालो।
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उनके कहने पर उक्त दोनों व्यक्ति उनके मड़हे में आग लगा दिए। इस मामले में पुलिस के आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए साक्ष्य का न्यायिक परिसीलन कर दोनों आरोपी के विरुद्ध घर जलाने का जुर्म साबित पाकर उन्हें दस-दस वर्ष के सश्रम कारावास तथा दस-दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी धनंजय उपाध्याय तथा बचाव पक्ष से रमाकांत सिंह ने पैरवी की।
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