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पांच माह बाद भी खलिहान की जमीन नहीं हो सका अतिक्रमण मुक्त
Updated Mon, 19 Mar 2018 10:51 PM IST
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बलिया। गड़वार में स्थित खलिहान की जमीन को अतिक्रमणमुक्त करने के मामले में जिला प्रशासन घिरता जा रहा है। दो बार की जांच रिपोर्ट में अलग-अलग आख्या को लेकर सवाल उठ रहे हैं। दोनों बार की जांच के बीच पांच माह बाद भी खलिहान की जमीन को खाली नहीं कराया जा सका है जबकि इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय, प्रभारी मंत्री वगैरह निर्देश दे चुके हैं।
भाजपा नेता सुशील चौरसिया ने मुख्यमंत्री को सितंबर 17 में शिकायती पत्र देकर बताया था कि गड़वार स्थित खलिहान की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। सीएम कार्यालय के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच के लिए 15 अक्तूबर 17 को सीडीओ की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की। जांच समिति की रिपोर्ट पर डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए बताया कि खलिहान की जमीन पर बारात घर बना है और पैमाईश कराकर चहारदीवारी बना दिया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए पुन: शिकायत की। यह भी कहा कि खलिहान जमीन की जमीन में निर्माण व चाहरदिवारी किस मद से बनवाया गया है। शासन के निर्देश पर डीएम ने एकबार फिर सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने माना कि खलिहान की जमीन में बारात घर 12-13 साल पहले विधायक निधि से बना बताया जा रहा है। इस बाबत कोई अभिलेख नहीं है, इसे तोड़ा जाना उचित नहीं है। दोनों बार की जांच में अधिकारियों ने खलिहान की जमीन में तीन लोगों का अवैध कब्जा बताते हुए कहा कि इस बाबत कार्रवाई की जा रही है।
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भाजपा नेता सुशील चौरसिया ने मुख्यमंत्री को सितंबर 17 में शिकायती पत्र देकर बताया था कि गड़वार स्थित खलिहान की जमीन पर अतिक्रमण किया गया है। सीएम कार्यालय के निर्देश पर तत्कालीन डीएम ने मामले की जांच के लिए 15 अक्तूबर 17 को सीडीओ की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय समिति गठित की। जांच समिति की रिपोर्ट पर डीएम ने शासन को रिपोर्ट भेजते हुए बताया कि खलिहान की जमीन पर बारात घर बना है और पैमाईश कराकर चहारदीवारी बना दिया गया है। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाते हुए पुन: शिकायत की। यह भी कहा कि खलिहान जमीन की जमीन में निर्माण व चाहरदिवारी किस मद से बनवाया गया है। शासन के निर्देश पर डीएम ने एकबार फिर सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई। कमेटी ने माना कि खलिहान की जमीन में बारात घर 12-13 साल पहले विधायक निधि से बना बताया जा रहा है। इस बाबत कोई अभिलेख नहीं है, इसे तोड़ा जाना उचित नहीं है। दोनों बार की जांच में अधिकारियों ने खलिहान की जमीन में तीन लोगों का अवैध कब्जा बताते हुए कहा कि इस बाबत कार्रवाई की जा रही है।
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