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Ballia News: रंगों से ढकी जा रहीं दरारें, फाइलों में विशेष मरम्मत

Tue, 06 Jan 2026 11:25 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 11:25 PM IST
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Cracks being covered with paint, special repairs in files
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर का क्षतिग्रस्त बाउंड्री वाल।संवाद - फोटो : सांकेतिक
बलिया/पंदह। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर के आवासीय और अनावासीय भवनों की ‘विशेष मरम्मत’ के नाम पर स्वीकृत सरकारी धनराशि का बड़ा हिस्सा नियमों को ताक पर रखकर खर्च कर दिए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि बिना टेंडर प्रक्रिया अपनाए ही करीब 34 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। संबद्ध अवर अभियंता के नाम पर तकनीकी स्वीकृतियों और औपचारिकताओं के सहारे सरकारी धन की बंदरबांट की बात भी सामने आ रही है।
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हकीकत यह है कि जिन भवनों की ‘विशेष मरम्मत’ के लिए भारी भरकम धनराशि खर्च करने का दावा किया गया वहां आज भी दीवारों में दरारें हैं, छतों से प्लास्टर गिर रहा है और सीलन जस की तस बनी हुई है। रंग-रोगन की परत चढ़ाकर मरम्मत पूर्ण होने का भ्रम जरूर पैदा किया जा रहा है।
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सीएचसी सिकंदरपुर में विशेष मरम्मत और पेंटिंग के लिए शासन से करीब 54 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इनमें से लगभग 34 लाख रुपये, यानी 60 प्रतिशत से अधिक धनराशि बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के वाराणसी की एक ही फर्म को भुगतान कर दी गई। यह भुगतान उस समय किया गया, जब स्वास्थ्य विभाग में कोई अवर अभियंता ही नहीं था। भुगतान को वैध दिखाने के लिए आनन-फानन में चंदौली के एक सहायक अभियंता को संबद्ध दर्शाकर कागजी औपचारिकताएं पूरी किए जाने की चर्चा है।
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60 प्रतिशत से अधिक भुगतान हो जाने के बावजूद वास्तविक मरम्मत कार्य शुरू तक नहीं हुआ। दीवारों की दरारें, छतों की जर्जर हालत और सीलन स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। गोलमाल छुपाने के लिए तेजी से रंग रोगन का कार्य जरूर कराया जा रहा है।
इससे पहले पीएचसी अगऊर में विशेष मरम्मत और रंगाई-पुताई के लिए शासन से मिले करीब 1.25 करोड़ रुपये का भुगतान भी इसी फर्म को किया गया था, जबकि आज तक वह स्वास्थ्य केंद्र कायाकल्प का इंतजार कर रहा है। उधर पीएचसी खड़सरा, खरौनी, मैरिटार और हुसेनाबाद के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के लिए प्रस्तावित करीब 58 लाख रुपये की कार्ययोजना भी तैयार कर शासन को भेजी गई थी। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।

एक दूसरे के पाले में फेंक रहे गेंद

इस संबंध में प्रभारी सीएमओ डॉ. विजय यादव ने बताया कि मामला मेरे कार्यकाल के पहले का है। इसकी जानकारी नहीं है। इस बारे में पूरी जानकारी कर फर्म को स्वास्थ्य केंद्र की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने के लिए निर्देशित किया जाएगा। ये पूछने पर कि तब एसीएमओ निर्माण वही थे, तो उन्होंने कहा कि पूर्व सीएमओ की ओर से बजट जारी किया गया है। मामले की जानकारी कराई जा रही है।
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