फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   civic animities

एक बार फिर घाघरा ने शुरु किया कटान, सात एकड़ भूमि कटी

Thu, 08 Aug 2019 12:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 08 Aug 2019 12:00 AM IST
विज्ञापन
civic animities
जयप्रकाशनगर। क्षेत्र में घाघरा नदी ने एक बार फिर कटान तेज कर दिया है। बकुल्हा संसार टोला बन्धे के पास बांध को सुरक्षित करने के लिए बने टी स्पर को भी एक बार नदी ने निशाना बनाना शुरू कर दिया है। मंगलवार की रात ही घाघरा ने विद्यार्थी ब्रह्म बाबा स्थान के पास किसानों के करीब सात एकड़ जमीन जमीन को आगोश में ले लिया।
विज्ञापन

पिछले कुछ दिनों से घाघरा अपने रौद्र रूप में नरमी दिखाते हुए शांत दिख रही थी। लेकिन मंगलवार की शाम को तेज हवा व बारिश होने के कारण चांददियर पंचायत के विद्यार्थी बह्म बाबा स्थान के समीप पंचायत के कई पुरवों के किसानों की कृषि योग्य भूमि अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया। घाघरा का कटान एकाएक तेज होने से किसानों में दहशत व्याप्त हो गया है। लेकिन इसके बाद भी विभाग इस तरफ अभी ध्यान देना मुनासिब नहीं समझ रहा। लोगों का कहना है कि विभाग का ध्यान उस समय जाएगा जब किसानों की कृषि योग्य भूमि को घाघरा समाप्त कर इस तरफ से बन्धे को अपने आगोश में लेने को आतुर दिखेगी। चांद दीयर पंचायत का कटान स्थान मांझी के जयप्रभा सेतु से प्रारम्भ होकर अठगावा पंचायत के सीमा तक करीब सात किलोमीटर की दूरी में रुक-रुक कर होता है। इस पंचायत के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि वीरेंद्र यादव की मानें तो अब तक कटान के मामले में शासन प्रशासन द्वारा इस पंचायत के साथ हमेशा से ना इंसाफी करते हुए विभागीय लोगों द्वारा उपेक्षा का शिकार बना रहा है। किसानों के लाख प्रयास के बावजूद भी शासन प्रशासन सहित राजनीतिक लोग भी इस ओर ध्यान देना मुनासिब नहीं समझते।
विज्ञापन

जयप्रकाशनगर। क्षेत्र के राजकिशोर यादव, हरेंद्र यादव, विनोद यादव, सूचित गोंड़ आदि की मानें तो बकुल्हा संसार टोला बांध को बाढ़ विभाग द्वारा करीब तीन किलोमीटर की दूरी तक डेंजर जोन माना गया है। जबकि बाढ़ विभाग द्वारा अभी तक बकुल्हा संसार टोला बांध को सुरक्षित करने के लिए मात्र सौ मीटर में ही करोड़ों की परियोजना बनाकर कटाव रोधी कार्य करवाया गया है। लेकिन नदी के रुख को देखते हुए यह नहीं कहा जा सकता कि नदी कब किस तरफ अपना रुख बदलते हुए बीएसटी बांध को अपने आगोश में लेगी इससे इंकार नहीं किया जा सकता।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed