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बीएसटी बांध को बचाना बड़ी चुनौती
ballia
Updated Tue, 05 Sep 2017 10:13 PM IST
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घाघरा की धार से कट रहा इब्राहिमाबाद नौबरार स्थित बीएसटी बंधा।
- फोटो : ballia
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इब्राहिमाबाद नौबरार अठगावा में मंगलवार को घाघरा का रुख कुछ नरम नरम रहा, लेकिन बीएसटी बांध का खतरा टलता हुआ नहीं दिखाई दे रहा है। घाघरा नदी मुख्य रूप से बांध से सट कर बहने लगी है। इस वजह से बीएसटी बांध कभी भी खतरे का सबब बन सकता है।
बाढ़ खंड विभाग भी यहां के खतरे को मानने लगा है । मौके पर नदी के हालात ये बयां कर रही है कि यहां अब घाघरा नरहरिधाम नई बस्ती के सीध में अपना कहर बरपाने का मूड बना चुकी है। सठिया ढाला पर खड़ा होकर नदी का रूप देखें तो यह पश्चिम से पूरब की ओर बहती नजर आ रही है। वहीं यहां से हट कर जब हम इसी नदी को नरहरिधाम नई बस्ती के सीध से देंखें तो यह दक्षिण से पूरब और उत्तर की ओर बहती नजर आ रही है।
यहां पर देखने मे तीन स्थानों पर खतरा दिखाई दे रहा है। पहला सठिया ढाला के पास, दूसरा स्पर के पास और तीसरी नई बस्ती नरहरिधाम के पास। उक्त तीनों स्थानों में से कहीं से भी घाघरा जब चाहे बांध को अपने गर्भ में ले सकती है। वजह कि यहां के कटानरोधी कार्य घाघरा कटान को रोकने में किसी भी दृष्टिकोण से सक्षम नहीं हैं। पत्थर की जगह अब ईंट और बोरी से काम चलाया जा रहा है।
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जिस दिन से घाघरा अपना रूख नई बस्ती नरहरिधाम की ओर की है, गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। इस बस्ती में लगभग 125 घर हैं। यदि घाघरा यहां बांध को काटती है, तो उसका पहला निशाना इस बस्ती के लोग ही बनेंगे। यहां कई लोगों ने अपने मकान पक्के का भी बनवा चुके हैं।
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बाढ़ खंड विभाग भी यहां के खतरे को मानने लगा है । मौके पर नदी के हालात ये बयां कर रही है कि यहां अब घाघरा नरहरिधाम नई बस्ती के सीध में अपना कहर बरपाने का मूड बना चुकी है। सठिया ढाला पर खड़ा होकर नदी का रूप देखें तो यह पश्चिम से पूरब की ओर बहती नजर आ रही है। वहीं यहां से हट कर जब हम इसी नदी को नरहरिधाम नई बस्ती के सीध से देंखें तो यह दक्षिण से पूरब और उत्तर की ओर बहती नजर आ रही है।
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यहां पर देखने मे तीन स्थानों पर खतरा दिखाई दे रहा है। पहला सठिया ढाला के पास, दूसरा स्पर के पास और तीसरी नई बस्ती नरहरिधाम के पास। उक्त तीनों स्थानों में से कहीं से भी घाघरा जब चाहे बांध को अपने गर्भ में ले सकती है। वजह कि यहां के कटानरोधी कार्य घाघरा कटान को रोकने में किसी भी दृष्टिकोण से सक्षम नहीं हैं। पत्थर की जगह अब ईंट और बोरी से काम चलाया जा रहा है।
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जिस दिन से घाघरा अपना रूख नई बस्ती नरहरिधाम की ओर की है, गांव के लोगों में दहशत का माहौल है। इस बस्ती में लगभग 125 घर हैं। यदि घाघरा यहां बांध को काटती है, तो उसका पहला निशाना इस बस्ती के लोग ही बनेंगे। यहां कई लोगों ने अपने मकान पक्के का भी बनवा चुके हैं।