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बलियाः समय से पूरा नहीं किया परियोजना का काम, अब बालू की बोरियों से रोकेंगे कटान

Sun, 01 Aug 2021 10:37 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 10:37 PM IST
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Ballia: Project work not completed on time, now will stop cutting with sand sacks
रामगढ़। सरकारी धन की बंदरबांट देखनी हो तो गंगापुर में इसे आसानी से देखा जा सकता है। 34 करोड़ की लागत से चल रहे कटानरोधी कार्य को आधा-अधूरा छोड़ कर ठेकेदार फरार हो गए हैं। विभाग इन ठेकेदारों पर कार्रवाई करने के बजाय काली करतूतों पर पर्दा डालने के लिए अब फ्लड फाइटिंग के तहत गंगा की लहरों से लड़ने के लिए बालू से भरी बोरियों को डालना शुरू कर दिया है। इसे लेकर के क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
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सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने जनपद बलिया को बाढ़ कटान से निजात दिलाने के लिए करीब 34 करोड़ की लागत से गंगापुर से लेकर चौबे छपरा तक तीन स्पर और रिवेटमेन्ट के कार्य को फरवरी माह में मंजूरी दी थी। लखनऊ से ऑनलाइन इन परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया था। शासन स्तर से इस काम को पूर्ण करने के लिए ठेकेदारों को 15 मई का समय मिला था। बावजूद काम पूर्ण नहीं हो सका। जनपद के बड़े अधिकारियों ने ठेकेदार को 15 जून तक हर हाल में कार्य पूर्ण करने का दिशा निर्देश दिया। फिर भी कार्यों में शिथिलता, संसाधन की कमी, और ठेकेदारों की लापरवाही के चलते आज तक यह कार्य पूर्ण हो सका। योगी का यह ड्रीम प्रोजेक्ट धरातल पर दम तोड़ता नजर आ रहा है। इसी बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। ठेकेदार आधे अधूरे कार्यों को बीच मझधार में छोड़ कर फरार हो गए हैं। यह स्थिति देख बाढ़ विभाग के हाथ-पांव फूलने लगे।
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जानकारों का मानना है कि यह तो एक दिखावा है। विभाग का मूल मकसद सरकारी धन की जमकर लूटपाट करना है। इसी नियत के कारण विभाग ठेकेदारों के ऊपर कोई नकेल न कसकर मलाई काटने के लिए छोड़ दिया। मानकों की धज्जियां उड़ाई गईं और विभाग मूकदर्शक बना रहा। काम भी समय से पूरा नहीं सका। ताकि गंगा का जलस्तर बढ़ जाए और फ्लड फाइटिंग के तहत जमकर धन का बंदरबांट की जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि अगर फ्लड फाइटिंग के सहारे ही एनएच-31 और गांवों को बचाना था तो इतनी बड़ी परियोजनाओं से कार्य कराने का क्या मतलब है।
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सोनार टोला के समीप नोज का भाग अधूरा रहने के कारण बालू की बोरी डाली जा रही है, ताकि कटान को रोका जा सके। जलस्तर रुकने पर अधूरा कार्य पूरा करा जाएगा। - संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अभियंता, बाढ़ विभाग
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