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बलिया पेपर लीक मामला : खुल रही हैं सांठगांठ की परतें, 2017 में जहां से लीक हुआ था पेपर उसे भी बनाया केंद्र
Mon, 11 Apr 2022 02:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 11 Apr 2022 02:01 AM IST
सार
परीक्षा की स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस वर्ष सत्यापन के बाद 22 नए केंद्र बनाए गए। इनमें एक केंद्र वह भी है, जहां से वर्ष 2017 में पेपर लीक हुआ था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
यूपी बोर्ड की परीक्षा में 12वीं के अंग्रेजी विषय का पर्चा लीक होने के बाद से प्रशासन और नकल माफिया के गठजोड़ की परतें खुलने लगी हैं। परीक्षा की स्थानीय व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस वर्ष सत्यापन के बाद 22 नए केंद्र बनाए गए, इनमें एक केंद्र वह भी है, जहां से वर्ष 2017 में पेपर लीक हुआ था। तत्कालीन डीएम के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसे केंद्र बनाने का अनुमोदन भी जिलाधिकारी के नेतृत्व में बनी कमेटी ने किया था।
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इस वर्ष जिले के 612 विद्यालयों ने परीक्षा केंद्र के लिए ऑनलाइन दावा किया था। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इनमें 211 परीक्षा केंद्र बनाए गए। इन केंद्रों के सत्यापन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति बनी। समिति ने बोर्ड से 211 केंद्रों में से 22 को मानकों पर खरा नहीं होने के आधार पर बदलने का प्रस्ताव दिया। नए केंद्र में बाबूजी शिवसागर राम इंटर कॉलेज देवरिया खारी भी है। यहां वर्ष 2017 में परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र आउट हुआ था।
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तत्कालीन जिलाधिकारी यशवंत राव ने कार्रवाई करते हुए विद्यालय के प्रबंधक, प्रिंसिपल, लिपिक और परिचारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा कर उन्हें जेल भिजवा दिया था। उनकी ओर से केंद्र को डिबार करने की भी संस्तुति माध्यमिक शिक्षा परिषद को भेजी गई थी। इसके बावजूद इसी विद्यालय को इस बार स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाया गया। जिले के 211 परीक्षा केंद्रों में चार राजकीय, 70 एडेड और 137 वित्तविहीन विद्यालय हैं। जबकि जिले में 30 राजकीय और 91 एडेड विद्यालय हैं। यदि परीक्षा केंद्र निर्धारण से लेकर पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो प्रशासन की कलई खुलकर सामने आ जाएगी।
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बलिया के डीएम-एसपी की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन
पेपर लीक मामले की सूचना देने पर पत्रकारों को गिरफ्तार करने से आक्रोशित पत्रकारों और स्वयंसेवी संगठनों ने रविवार को जिलाधिकारी और एसपी की बुद्धि-शुद्धि के लिए हवन-पूजन किया। कहा कि जब तक निर्दोष पत्रकारों को रिहा नहीं किया जाएगा, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय पर सोमवार से क्रमिक अनशन करने का भी एलान किया।
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह एवं पुलिस अधीक्षक राजकरन नय्यर की बुद्धि-शुद्धि और पत्रकारों की रिहाई के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा के बैनर तले पत्रकारों और स्वयंसेवी संगठनों ने नगर के बालेश्वर मंदिर में हवन पूजन किया। बालेश्वर मंदिर के पंडित बालेश्वर गिरी ने वैदिक मंत्रोचार के साथ हवन कराया। इस मौके पर सुधीर ओझा, रणजीत मिश्रा, नरेंद्र मिश्रा, अखिलानंद तिवारी, जितेंद्र उपाध्याय, करुणा सिंधु सिंह, करुणेश उपाध्याय, अनिल अकेला, रोशन जायसवाल, मुकेश मिश्रा, राजू गुप्ता, सदानंद उपाध्याय, सन्नी, मनोज चतुर्वेदी, अखिलेश यादव, रवि सिन्हा, नवलजी, कृष्णकांत पांडेय, उपेंद्र गुप्ता, आनंद दुबे आदि पत्रकार मौजूद रहे।
ग्रामीण अंचलों में भी हवन-पूजन
बलिया। पेपर लीक मामले में अधिकारियों की बुद्धि-शुद्धि के लिए जिले के बैरिया, जयप्रकाशनगर, रामगढ़, सिकंदरपुर, बेल्थरारोड में भी हवन पूजन हुआ। भाजपा नेता निर्भय सिंह गहलौत के नेतृत्व में इब्राहिमाबाद स्थित कुकुरिया बाबा मठ परिसर और कर्णछपरा में जिन बाबा मंदिर परिसर में समाजसेवी दुर्ग विजय सिंह झलन के नेतृत्व में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया गया। रामगढ़ में हनुमान मंदिर परिसर, सिकंदरपुर में संयुक्त पत्रकार संघर्ष समिति के बैनर तले बुद्धि शुद्धि यज्ञ किया गया।
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला : दीना भाई
पेपर लीक मामले में महात्मा गांधी विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीना भाई ने राज्यपाल को पत्रक दिया। इसमें कहा है कि प्रश्नपत्र लीक की सूचना देने पर पत्रकारों को ही जेल भेज देना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।अगर ऐसा ही होता रहा तो कोई पत्रकार भ्रष्टाचार को उजागर नहीं कर पाएगा। इसकी जांच कराई जानी चाहिए। ऐसी घटना लोकतंत्र के लिए खतरा है। मांग की कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए।