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आशा संभालेंगी परिवार नियोजन की पूरी जिम्मेदारी
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बलिया। कोरोना काल में परिवार नियोजन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का पूरा जोर है। परिवार कल्याण कार्यक्रमों के बारे में जन जागरूकता और परिवार नियोजन साधन भी लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा। कोरोना को देखते हुए आशा कार्यकर्ताओं को सावधानी बरतते हुए यह कार्यक्रम चलाने की अपील की गई है।
एसीएमओ व परिवार कल्याण के नोडल डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को उन दम्पत्तियों से जरूर बात करनी है, जिनको परिवार नियोजन की आवश्यकता है। ऐसे लक्षित दंपतियों को उनकी पसंद के अनुसार गर्भ निरोधक साधनों को उपलब्ध कराना है। इसके अलावा जो महिलाएं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की सुविधा लेना चाहती हो उनको आशा स्वास्थ्य इकाई तक लेकर जाएं। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्र के दौरान गर्भ निरोधक गोलियां और कंडोम उपलब्ध कराते हुए जरूरी परामर्श दिया जाए। इसके साथ ही वह हर दंपत्ति को प्रेरित करें कि वह गर्भ निरोधक साधन का इस्तेमाल करें, ताकि अनचाहे गर्भ और गर्भपात की कोई सम्भावना न रहे, क्योंकि अनचाहा गर्भ परिवार के सपनों और संसाधनों को सीमित करता है।
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कोरोना को लेकर सतर्कता बरतेें आशाएं
कोरोना काल में परिवार नियोजन कार्यक्रम में लगाई गईं आशा कार्यकर्ताओं को मॉस्क लगाने, बार-बार हाथों को साबुन से धोने, कम से कम दो गज की दूरी से बात करने की अपील की गई है। यह भी कहा गया है कि वे किसी के घर की कुंडी या दरवाजा न छुएं और न खटखटाएं।
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सिर्फ आवाज देकर परिवार के सदस्यों को बुलाएं व बात करें।
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एसीएमओ व परिवार कल्याण के नोडल डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि परिवार कल्याण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए आशा कार्यकर्ताओं को उन दम्पत्तियों से जरूर बात करनी है, जिनको परिवार नियोजन की आवश्यकता है। ऐसे लक्षित दंपतियों को उनकी पसंद के अनुसार गर्भ निरोधक साधनों को उपलब्ध कराना है। इसके अलावा जो महिलाएं अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन की सुविधा लेना चाहती हो उनको आशा स्वास्थ्य इकाई तक लेकर जाएं। ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) सत्र के दौरान गर्भ निरोधक गोलियां और कंडोम उपलब्ध कराते हुए जरूरी परामर्श दिया जाए। इसके साथ ही वह हर दंपत्ति को प्रेरित करें कि वह गर्भ निरोधक साधन का इस्तेमाल करें, ताकि अनचाहे गर्भ और गर्भपात की कोई सम्भावना न रहे, क्योंकि अनचाहा गर्भ परिवार के सपनों और संसाधनों को सीमित करता है।
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कोरोना को लेकर सतर्कता बरतेें आशाएं
कोरोना काल में परिवार नियोजन कार्यक्रम में लगाई गईं आशा कार्यकर्ताओं को मॉस्क लगाने, बार-बार हाथों को साबुन से धोने, कम से कम दो गज की दूरी से बात करने की अपील की गई है। यह भी कहा गया है कि वे किसी के घर की कुंडी या दरवाजा न छुएं और न खटखटाएं।
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