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बलिया में पथराव के बाद पुलिस ने शिव मंदिर प्रांगण से हटवाई तस्वीर, फोर्स की गई तैनात
Tue, 22 Feb 2022 11:24 PM IST
उत्पल कांत
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: उत्पल कांत
Updated Tue, 22 Feb 2022 11:24 PM IST
सार
नरांव शिव मंदिर के प्रांगण में बीते शुक्रवार को कुछ लोगों ने संत रविदास की फोटो रखकर वहां झंडा गाड़ दिया था। दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। यही से पूरे मामले की शुरूअात हुर्इ।
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चिलकहर क्षेत्र के नराव गांव में हुए बवाल के बाद आक्रोशित लोगों को समझाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बलिया के गड़वार क्षेत्र के नरांव शिव मंदिर प्रांगण में संत रविदास की फोटो रखने और झंडा गाड़ने को लेकर तीन दिन पहले शुरू विवाद मंगलवार को उग्र हो गया। पुलिस ने काफी देर तक दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया पर बात नहीं बनने पर उसने तीन लोगों को हिरासत में ले लिया साथ ही लाठी डंडा पटक कर सभी को वहां से खदेड़ दिया। फोटो और झंडा आदि को हटवा दिया। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
नरांव शिव मंदिर के प्रांगण में बीते शुक्रवार को कुछ लोगों ने संत रविदास की फोटो रखकर वहां झंडा गाड़ दिया था। दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। मामला पहले पंचायत में गया पर हल नहीं निकलने पर रविवार को प्रधान प्रतिनिधि रामजी चौरसिया ने पुलिस को बुला लिया।इसके बाद मंदिर पर फोर्स तैनात कर दी गई।
मंगलवार सुबह सीओ सिटी तथा तहसीलदार रसड़ा ने भी दोनों पक्षों को समझाया पर कोई पक्ष मानने को तैयार नहीं था। दोपहर में वीआईपी कार्यक्रम के लिए फोर्स जैसे ही वहां से हटी एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ महिलाएं चोटिल हो गईं और सामान क्षतिग्रस्त हो गए।
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पथराव की सूचना पर बलिया कोतवाल बालमुकुंद, सीओ सिटी भूषण वर्मा, सुखपुरा इंस्पेक्टर दुर्गेश्वर मिश्र, दुबहर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह, महिला थानाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फुटमार्च कर मामले को शांत कराया।
एसडीएम रसड़ा दीपशिखा सिंह के नेतृत्व में पुन: समझौते की बात की गई, लेकिन सुलह नहीं हो सकी। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे पुलिस ने लाठियां भांज कर सभी को वहां से खदेड़ दिया और संत रविदास की फोटो और झंडे को कब्जे में ले लिया।
एसडीएम दीपशिखा सिंह ने बताया किमंदिर प्रांगण में संत रविदास की फोटो अवैध तरीके से बिना अनुमति रखी गई थी। उसे हटवा दिया गया है। मौके पर फोर्स तैनात है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। विधिक कार्रवाई चल रही है।
गडवार थाना क्षेत्र के नरांव में पथराव के बाद पहुंची पुलिस ने फुटमार्च कर मामले को शांत कराया। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि पुलिस इस मामले को शुरू में ही गंभीरता से ली होती तो शायद मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।
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नरांव शिव मंदिर के प्रांगण में बीते शुक्रवार को कुछ लोगों ने संत रविदास की फोटो रखकर वहां झंडा गाड़ दिया था। दूसरा पक्ष इसका विरोध कर रहा था। मामला पहले पंचायत में गया पर हल नहीं निकलने पर रविवार को प्रधान प्रतिनिधि रामजी चौरसिया ने पुलिस को बुला लिया।इसके बाद मंदिर पर फोर्स तैनात कर दी गई।
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मंगलवार सुबह सीओ सिटी तथा तहसीलदार रसड़ा ने भी दोनों पक्षों को समझाया पर कोई पक्ष मानने को तैयार नहीं था। दोपहर में वीआईपी कार्यक्रम के लिए फोर्स जैसे ही वहां से हटी एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर पथराव कर दिया। इसमें कुछ महिलाएं चोटिल हो गईं और सामान क्षतिग्रस्त हो गए।
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पथराव की सूचना पर बलिया कोतवाल बालमुकुंद, सीओ सिटी भूषण वर्मा, सुखपुरा इंस्पेक्टर दुर्गेश्वर मिश्र, दुबहर थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह, महिला थानाध्यक्ष समेत बड़ी संख्या में पुलिस और पीएसी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फुटमार्च कर मामले को शांत कराया।
एसडीएम रसड़ा दीपशिखा सिंह के नेतृत्व में पुन: समझौते की बात की गई, लेकिन सुलह नहीं हो सकी। इसके बाद शाम साढ़े छह बजे पुलिस ने लाठियां भांज कर सभी को वहां से खदेड़ दिया और संत रविदास की फोटो और झंडे को कब्जे में ले लिया।
एसडीएम दीपशिखा सिंह ने बताया किमंदिर प्रांगण में संत रविदास की फोटो अवैध तरीके से बिना अनुमति रखी गई थी। उसे हटवा दिया गया है। मौके पर फोर्स तैनात है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। विधिक कार्रवाई चल रही है।
गडवार थाना क्षेत्र के नरांव में पथराव के बाद पहुंची पुलिस ने फुटमार्च कर मामले को शांत कराया। स्थानीय लोगों का कहना था कि यदि पुलिस इस मामले को शुरू में ही गंभीरता से ली होती तो शायद मामला इतना तूल नहीं पकड़ता।