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मेडिकल संचालक की लापरवाही से बालक का हाथ काटने के कगार पर
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बैरिया। क्षेत्र के टोला शिवन राय निवासी एक बालक के पेट में दर्द की शिकायत पर एक दवा दुकानदार ने खुद ही डाक्टर बनकर गलत इंजेक्शन लगा दिया। हालात यह हुआ कि बच्चे का हाथ काला पड़ गया। अब उसका बायां हाथ काटने की नौबत आ गई है। बालक के पिता शुक्रवार को दवा दुकानदार के खिलाफ तहरीर लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस ने यह कहकर भगा दिया मेडिकल स्टोर से क्यों दवा की। उसने पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है।
टोला शिवन राय निवासी रविनाथ मल्लाह के पुत्र सुग्रीव के पेट में एक सप्ताह से दर्द हो रहा था। वह पेट दर्द की दवा लेने के लिए अपने पिता के साथ टोला शिवन राय चट्टी पर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर गया। दवा दुकानदार ने पेट दर्द की दवा देने के साथ ही एक इंजेक्शन उसके बाएं हाथ की नस में लगा दिया। कुछ देर में उसे दर्द से तो आराम मिल गया लेकिन इंजेक्शन लगने वाले हाथ में झनझनाहट शुरू हो गई। रात भर में हाथ काला पड़ गया और सूखने लगा। इससे परेशान पिता ने उसे इलाज के वाराणसी स्थित बीएचयू लेकर गए, जहां एक सप्ताह में इलाज पर हजारों खर्च हुआ। बावजूद इसके उसकी बांह ठीक नहीं हो पाई। अब बीएचयू के चिकित्सक सुग्रीव का बायां हाथ काटकर शरीर से अलग करने की बात कर रहे हैं। सुग्रीव के पिता ने बताया कि बीएचयू के चिकित्सक का कहना है कि नस में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से सुग्रीव का बांह सड़ रहा है। परेशान पिता इस बाबत दवा दुकानदार के खिलाफ शुक्रवार को प्रार्थना पत्र लेकर बैरिया थाने पहुंचा। दरोगा ने यह कहते हुए लौटा दिया कि मेडिकल स्टोर पर दवा लेने क्यों गए, सरकारी अस्पताल पर क्यों नहीं गए। परेशान पिता अपने पीड़ित बच्चे के साथ पुलिस अधीक्षक के दरबार में दस्तक दी है। पुलिस अधीक्षक ने उसे न्याय का भरोसा दिया है।
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टोला शिवन राय निवासी रविनाथ मल्लाह के पुत्र सुग्रीव के पेट में एक सप्ताह से दर्द हो रहा था। वह पेट दर्द की दवा लेने के लिए अपने पिता के साथ टोला शिवन राय चट्टी पर स्थित एक मेडिकल स्टोर पर गया। दवा दुकानदार ने पेट दर्द की दवा देने के साथ ही एक इंजेक्शन उसके बाएं हाथ की नस में लगा दिया। कुछ देर में उसे दर्द से तो आराम मिल गया लेकिन इंजेक्शन लगने वाले हाथ में झनझनाहट शुरू हो गई। रात भर में हाथ काला पड़ गया और सूखने लगा। इससे परेशान पिता ने उसे इलाज के वाराणसी स्थित बीएचयू लेकर गए, जहां एक सप्ताह में इलाज पर हजारों खर्च हुआ। बावजूद इसके उसकी बांह ठीक नहीं हो पाई। अब बीएचयू के चिकित्सक सुग्रीव का बायां हाथ काटकर शरीर से अलग करने की बात कर रहे हैं। सुग्रीव के पिता ने बताया कि बीएचयू के चिकित्सक का कहना है कि नस में गलत तरीके से इंजेक्शन लगाने से सुग्रीव का बांह सड़ रहा है। परेशान पिता इस बाबत दवा दुकानदार के खिलाफ शुक्रवार को प्रार्थना पत्र लेकर बैरिया थाने पहुंचा। दरोगा ने यह कहते हुए लौटा दिया कि मेडिकल स्टोर पर दवा लेने क्यों गए, सरकारी अस्पताल पर क्यों नहीं गए। परेशान पिता अपने पीड़ित बच्चे के साथ पुलिस अधीक्षक के दरबार में दस्तक दी है। पुलिस अधीक्षक ने उसे न्याय का भरोसा दिया है।
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