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अपहरण व बलात्कार के मामले में आरोपी को सात साल कैद
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:15 PM IST
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अपहरण व बलात्कार के एक मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ बीके लाल की अदालत ने गुरुवार को आरोपी सोनू को सात वर्ष के सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। जबकि इस मामले में आरोपी मां व बहन को बरी कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा पीड़िता की मां ने 10 मार्च 2016 को कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसके पड़ोस में सोनू पुत्र भोलू मियां , माता शीला देवी किराए पर रहते थे। उसके दरवाजे पर सोनू का अक्सर आना जाना लगा रहता था। नौ मार्च 2016 को सुबह उसकी लड़की गुलाब देवी महाविद्यालय में परीक्षा देने गई थी, इसी बीच सोनू व उसकी माता शीला देवी पत्नी भोलू मियां व रानी पुत्री शीला देवी मेरी लड़की को बहला-फुसला कर लेकर भाग गए। मेरा लड़का मालगोदाम रोड पर सोनू के साथ जाते हुए देखा था।
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने सोनू, शीला देवी व रानी के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया। बाद में लड़की बरामद हो गई थी। इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। जिसमें उक्त मुल्जिमानों के अलावा अभियुक्त पिंटू कन्हैया का नाम भी विवेचना में प्रकाश में आया, जिसके विरुद्ध विवेचना अभी भी चल रही है। उपरोक्त मामले में साक्ष्यों का न्यायिक परिसीलन करते हुए अभियुक्त सोनू को दोष सिद्घ पाते हुए सात साल का सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास का दंड भुगतना होगा। जबकि अभियुक्तगण शीला देवी एवं रानी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया।
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अभियोजन के अनुसार, वादी मुकदमा पीड़िता की मां ने 10 मार्च 2016 को कोतवाली में तहरीर दी थी कि उसके पड़ोस में सोनू पुत्र भोलू मियां , माता शीला देवी किराए पर रहते थे। उसके दरवाजे पर सोनू का अक्सर आना जाना लगा रहता था। नौ मार्च 2016 को सुबह उसकी लड़की गुलाब देवी महाविद्यालय में परीक्षा देने गई थी, इसी बीच सोनू व उसकी माता शीला देवी पत्नी भोलू मियां व रानी पुत्री शीला देवी मेरी लड़की को बहला-फुसला कर लेकर भाग गए। मेरा लड़का मालगोदाम रोड पर सोनू के साथ जाते हुए देखा था।
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पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने सोनू, शीला देवी व रानी के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज किया। बाद में लड़की बरामद हो गई थी। इसके बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया। जिसमें उक्त मुल्जिमानों के अलावा अभियुक्त पिंटू कन्हैया का नाम भी विवेचना में प्रकाश में आया, जिसके विरुद्ध विवेचना अभी भी चल रही है। उपरोक्त मामले में साक्ष्यों का न्यायिक परिसीलन करते हुए अभियुक्त सोनू को दोष सिद्घ पाते हुए सात साल का सश्रम कारावास तथा पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की दशा में पांच माह का अतिरिक्त साधारण कारावास का दंड भुगतना होगा। जबकि अभियुक्तगण शीला देवी एवं रानी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया।
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