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सेनानी वृदावन मिश्र के स्मृति में होंगे विविध कार्यक्रम
Updated Mon, 19 Nov 2018 12:16 AM IST
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सुखपुरा। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पं. वृंदावन मिश्र का 24वां स्मृति दिवस (पुण्यतिथि) वृंदावन शिक्षण संस्थान सोबईबांध करनई में सोमवार को मनाया जाएगा। पंडित वृंदावन मिश्र का जन्म 17 अप्रैल 1894 को जनपद के शिवपुर दीयर ग्राम स्थित मिश्रचक में एक जमींदार परिवार में हुआ था। वह बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के मेधावी छात्र थे। उनके पिता पंडित भोलानाथ मिश्र ने अध्ययन के लिए बनारस के प्रसिद्ध विद्यालय कटिंग मेमोरियल में भेजा। कटिंग मेमोरियल से इंटर उत्तीर्ण कर पंडित जी मास्टर आफ होमियो एंड सर्जरी की डिग्री के लिए कोलकाता चले गए। पंडित वृंदावन मिश्र के रग-रग में देश प्रेम की भावना थी। राष्ट्रधर्म में उनका पूर्ण विश्वास था। वे अंग्रेजी शासन के विरोधी थे। इसी कारण पंडित जी पारिवारिक परंपराओं से बगावत कर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े और कोलकाता से लौटकर 1922 में ही कांग्रेस में शामिल हो गए। हालांकि, कटिंग मेमोरियल स्कूल में अध्ययन के दौरान पंडित जी लोकमान्य तिलक और उनका नारा स्वतंत्रता हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है से प्रभावित हो गए। अब अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन और तेज करना पड़ेगा तभी अंग्रेज भारत छोड़कर भागेंगे। 1932 में अदालत ने पंडित जी को दो वर्ष की सजा और नौ सौ रुपये जुर्माना लगाकर जेल भेज दिया लेकिन जेल से छूटने के बाद स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित गतिविधियां पुन: प्रारंभ हो गई। सन 1942 के आंदोलन में बलिया के कुछ प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी जो पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ सके थे, उनमें पंडित वृंदावन मिश्र का भी नाम था। उस समय पंडित जी ने लगभग चार वर्ष तक फरारी का जीवन बिताया था।
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