फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   टीएस बंधा के किनारे के ग्रामीणों की बढ़ी धुकधुकी

टीएस बंधा के किनारे के ग्रामीणों की बढ़ी धुकधुकी

Tue, 04 Jul 2017 11:39 PM IST
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
टीएस बंधा के किनारे के ग्रामीणों की बढ़ी धुकधुकी
रेवती। नगर पंचायत रेवती सहित क्षेत्र के तमाम गांवों को घाघरा की बाढ़ से बचाने वाला टीएस बंधा इन दिनों वीरान है। इसके दोनो छोर झाड़ झंखाड़ से पटे पड़े हैं। बंधा का सर्वाधिक संवेदनशील स्थान अपने सुरक्षा कवच की जर्जरता पर आंसू बहा रहे हैं। बरसात के आने के साथ नदी के बढ़ते जलस्तर ने बंधा के उत्तरी छोर पर बसे ग्रामीणों की चिंता को बढ़ा दिया है। तटवर्ती लोगों का कहना है कि प्रतिवर्ष अब तक बंधा के बचाव में काम होने से मन को कुछ संतोष मिलता था इस बार बाढ़ या सिंचाई विभाग का कोई भी अधिकारी-कर्मचारी झांकने तक नहीं आया। घाघरा ने विकराल रूप अख्तियार किया तो जर्जर बंधा पर खतरा के साथ तिलापुर गांव भी नदी के निशाने पर आ सकता है।
विज्ञापन

गंगा दशहरा से घाघरा के पानी में बढ़ाव का क्रम शुरू है। ग्रामीणों की मानें तो अब तक नहरनुमा आकार में बह रही नदी में तीन फुट से अधिक पानी दतहां के पास बढ़ गया है। नदी के निशाने पर टीएस बंधा का डेंजर जोन (69.300 कि मी से 70 कि मी तक) तथा इस जोन से सटे तिलापुर गांव है। डेंजर जोन को नदी ने अब तक दो बार तहस नहस किया है। नदी का रुख उत्तर से दक्षिण बहते हुए प्रधानमंत्री सड़क दतहां के आसपास सीधा आकर टकराने की राह बना लिया है। तटवर्ती लोग इस बात से और भी अधिक भयभीत हैं कि पहले बंधा के साइड से होकर बहने वाली नदी अब सीधे टकराने की स्थित में है। घाघरा के कटानी विभीषिका में सब कुछ खो चुके लमुही के प्रधान रामबचन यादव ने कहा कि बंधा बिल्कुल जर्जर हो चला है। पिछले वर्ष नाममात्र का काम हुआ जब कि इस साल कोई भी विभागीय अधिकारी अब तक इसकी सुधि लेने नहीं पहुंचे हैं। तिलापुर जमधरवा के प्रधान धनजी यादव ने बताया कि बंधा के दोनों छोर पर नरकट, मूज, डिस्को, कटया आदि झाड़-झंखाड़ों से भर गए हैं। झाड़-झंखाड़ के बीच साहिल, सियार, चूहे आदि ने जगह-जगह मांद बना कर बंधा को और भी जर्जर कर दिया है। तिलापुर के भोला यादव ने बताया कि पिछले साल बंधा पर जगह-जगह बरसात के कारण रेन कट (गड्ढा) बन गए थे जिसकी मरम्मत तक नहीं हो सकी है। तिलापुर के ही संजय यादव, बब्लू यादव ने बताया कि नदी के डेंजर जोन छोर पर डाले गए जीओ बैग की जाली में बंधी बोरियां, पत्थर तथा जगह-जगह डाले गए बोल्डर आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर ध्वस्त होकर नदी के पेटे में जा चुके हैं। ग्रामीणों की मानें तो नदी ने तीखे तेवर अख्तियार किए तो बंधा की स्थिति खतरे की जद में आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed