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दिव्यांग बच्चों का रखें विशेष ख्याल: डीएम
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:53 PM IST
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बलिया। दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की उपयोगिता बढ़ाने व दिव्यांग स्कूल पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी सुरेंद्र विक्रम ने पहल की है। उन्होंने मंगलवार को जिला अस्पताल में स्थित दिव्यांगजन पुनर्वास केंद्र एवं विशुनीपुर स्थित दिव्यांग स्कूल का निरीक्षण किया।
जिला अस्पताल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पर और क्या बेहतर हो सकता है इसके लिए सुझाव लिए गए। इसकी उपयोगिता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कहा कि दिव्यांग बच्चों के नहीं रहने पर अगर यहां खाली रहता है तो फिजियोथेरेपी आदि की व्यवस्था पर भी विचार किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भी भेजा जाएगा। दिव्यांग स्कूल पर पहुंचे जिलाधिकारी ने बच्चों से ब्रेन लिपि में लिखवाकर तथा मूकबधिर बच्चों की क्लास चलवाकर गुणवत्ता को परखा। इन बच्चों का विशेष ख्याल रखने का निर्देश बीएसए व दिव्यांग कल्याण अधिकारी को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है। हर दिव्यांग के अंदर कोई न कोई टैलेंट है, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। बच्चों को उनके हिसाब से सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिव्यांग कल्याण अधिकारी केके राय को दिया। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि दिव्यांग स्कूल पर समय-समय पर आते रहें। यहां बच्चों को बेहतर भोजन के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा दी जाए। इस दौरान बच्चों के गीत, गाने व टैलेंट देख जिलाधिकारी मंत्रमुग्ध हो गये। रसोईघर में विशेष सावधानी बरतने की नसीहत दी। इस अवसर पर बीएसए संतोष राय सहित अन्य लोग मौजूूद रहे।
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जिला अस्पताल में दिव्यांग पुनर्वास केंद्र पर और क्या बेहतर हो सकता है इसके लिए सुझाव लिए गए। इसकी उपयोगिता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कहा कि दिव्यांग बच्चों के नहीं रहने पर अगर यहां खाली रहता है तो फिजियोथेरेपी आदि की व्यवस्था पर भी विचार किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भी भेजा जाएगा। दिव्यांग स्कूल पर पहुंचे जिलाधिकारी ने बच्चों से ब्रेन लिपि में लिखवाकर तथा मूकबधिर बच्चों की क्लास चलवाकर गुणवत्ता को परखा। इन बच्चों का विशेष ख्याल रखने का निर्देश बीएसए व दिव्यांग कल्याण अधिकारी को दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को बेहतर शिक्षा देना है। हर दिव्यांग के अंदर कोई न कोई टैलेंट है, उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। बच्चों को उनके हिसाब से सहायक उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश दिव्यांग कल्याण अधिकारी केके राय को दिया। वहीं बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया कि दिव्यांग स्कूल पर समय-समय पर आते रहें। यहां बच्चों को बेहतर भोजन के साथ गुणवत्तापरक शिक्षा दी जाए। इस दौरान बच्चों के गीत, गाने व टैलेंट देख जिलाधिकारी मंत्रमुग्ध हो गये। रसोईघर में विशेष सावधानी बरतने की नसीहत दी। इस अवसर पर बीएसए संतोष राय सहित अन्य लोग मौजूूद रहे।
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