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नहीं सुधर रही आपूर्ति व्यवस् था
Updated Tue, 03 Oct 2017 11:07 PM IST
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बलिया। जनपद में आपूर्ति व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। इसके दुरुस्त करने की सभी कवाय फेल हो रही हैं। अधिकांश इलाकों में कार्डधारकों से कटौती और मनमानी बदस्तूर जारी है। यहां तक कि राशन कार्डोँ के सत्यापन का निर्देश भी जिले में बेअसर है।
जिले में कुल छह लाख 622 राशन कार्ड बने हैं। इसमें पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 98 हजार 921 व अन्त्योदय के कुल एक लाख एक हजार 701 हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 61 हजार 939 व शहरी क्षेत्रों में 36 हजार 982 तथा अन्त्योदय के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 91 हजार 668 व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार 33 हैं। पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों के लिए हर महीने अलग अनाज का उठान किया जाता है लेकिन वितरण में खूब मनमानी की जाती है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए प्रति यूनिट पांच किलो तथा अन्त्योदय कार्डधारकों के लिए प्रति कार्ड 35 किलो अनाज के उठान व वितरण का प्रावधान है। उठान तो होता है लेकिन वितरण में कमोवेश सभी गांवों में धांधली की जाती है। आलम यह है कि अधिकांश गांवों में कार्डधारकों से अनाज की कटौती की जाती है और मूल्य भी अधिक लिया जाता है। इसको लेकर आए दिन विवाद भी होता है अधिकारियों से शिकायतें भी की जाती हैं।
हालांकि कुछ मामलों में कार्रवाई भी की जाती है। इसक अलावा कई बार कोटेदार संघ की ओर से भी अधिकारियों को पत्रक देकर बताया गया कि उठान की गई बोरियों में अनाज कम होता है और इसके अलावा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सेवा शुल्क भी देना पड़ता है। पांच दिन पहले इसी तरह के मामले को लेकर बैरिया तहसील में आपूर्ति निरीक्षक के साथ विवाद भी हुआ था। सूत्रों की मानें तो हर महीने हजारों कुंटल अनाज का गोलमाल किया जाता है और जिला प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
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कोट
राशन कार्डों के सत्यापन की रिपोर्ट ब्लाकों से उपलब्ध कराने के आधार पर ही शासन को सूचना भेजी गई है। मानक के अनुसार खाद्यान्न वितरण नहीं करने के बाबत मिली शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है।
विनय कुमार सिंह, डीएसओ
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जिले में कुल छह लाख 622 राशन कार्ड बने हैं। इसमें पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 98 हजार 921 व अन्त्योदय के कुल एक लाख एक हजार 701 हैं। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र गृहस्थी के कुल चार लाख 61 हजार 939 व शहरी क्षेत्रों में 36 हजार 982 तथा अन्त्योदय के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 91 हजार 668 व शहरी क्षेत्रों में 10 हजार 33 हैं। पात्र गृहस्थी व अन्त्योदय कार्डधारकों के लिए हर महीने अलग अनाज का उठान किया जाता है लेकिन वितरण में खूब मनमानी की जाती है। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मानें तो पात्र गृहस्थी कार्डधारकों के लिए प्रति यूनिट पांच किलो तथा अन्त्योदय कार्डधारकों के लिए प्रति कार्ड 35 किलो अनाज के उठान व वितरण का प्रावधान है। उठान तो होता है लेकिन वितरण में कमोवेश सभी गांवों में धांधली की जाती है। आलम यह है कि अधिकांश गांवों में कार्डधारकों से अनाज की कटौती की जाती है और मूल्य भी अधिक लिया जाता है। इसको लेकर आए दिन विवाद भी होता है अधिकारियों से शिकायतें भी की जाती हैं।
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हालांकि कुछ मामलों में कार्रवाई भी की जाती है। इसक अलावा कई बार कोटेदार संघ की ओर से भी अधिकारियों को पत्रक देकर बताया गया कि उठान की गई बोरियों में अनाज कम होता है और इसके अलावा आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को सेवा शुल्क भी देना पड़ता है। पांच दिन पहले इसी तरह के मामले को लेकर बैरिया तहसील में आपूर्ति निरीक्षक के साथ विवाद भी हुआ था। सूत्रों की मानें तो हर महीने हजारों कुंटल अनाज का गोलमाल किया जाता है और जिला प्रशासन इस पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है।
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राशन कार्डों के सत्यापन की रिपोर्ट ब्लाकों से उपलब्ध कराने के आधार पर ही शासन को सूचना भेजी गई है। मानक के अनुसार खाद्यान्न वितरण नहीं करने के बाबत मिली शिकायतों पर कार्रवाई की जाती है।
विनय कुमार सिंह, डीएसओ