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पूरे सावन होता है श्रीरामचरित मानस पाठ
Updated Fri, 04 Aug 2017 10:28 PM IST
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दुबहर। क्षेत्र के शिवपुर दीयर नई बस्ती व्यासी स्थित बाबा हरिहरनाथ का प्राचीन मंदिर लोगों के आस्था का केंद्र है। लगभग डेढ़ सौ वर्ष पुराने इस मंदिर में क्षेत्र के ही नहीं, बल्कि जनपद के कोने-कोने से लोग पूजा अर्चना करने के लिए यहां आते हैं। ऐसी मान्यता है कि बाबा के मंदिर में जलाभिषेक करने से लोगों की सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां पूरे सावन भर श्रीराम चरित मानस का पाठ किया जाता है।
बताया जाता है कि नगवाँ निवासी साधु राम नरेश पाठक ने इस मंदिर की स्थापना की थी और वहीं रह कर पूजा-अर्चना भी करते रहे। मंदिर का जीर्णोद्धार पिछले 10 वर्ष पहले नगवाँ निवासी मदन मोहन लाल ने बड़े बृहद पैमाने पर करवाया, जिसने बाबा हरिहरनाथ की विशाल गुंबद के साथ ही मंदिर परिसर में मां दुर्गा, राम-जानकी, राधे-कृष्ण एवं महावीर जी की प्रतिमा स्थापित की थी। इस मंदिर को लोग पंच मंदिर के नाम से भी जानते हैं । इस मंदिर पर पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे सावन मास तक रामचरित मानस का अनवरत पाठ होता रहता है। मुख्य सड़क पर मंदिर का प्रवेश द्वार ही बरबस भक्तों को मंदिर में जाने के लिए प्रेरित करता रहता है। मंदिर के मुख्य पुजारी मुरारी दुबे के मुताबिक सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का आना जाना लगा रहता है।
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बताया जाता है कि नगवाँ निवासी साधु राम नरेश पाठक ने इस मंदिर की स्थापना की थी और वहीं रह कर पूजा-अर्चना भी करते रहे। मंदिर का जीर्णोद्धार पिछले 10 वर्ष पहले नगवाँ निवासी मदन मोहन लाल ने बड़े बृहद पैमाने पर करवाया, जिसने बाबा हरिहरनाथ की विशाल गुंबद के साथ ही मंदिर परिसर में मां दुर्गा, राम-जानकी, राधे-कृष्ण एवं महावीर जी की प्रतिमा स्थापित की थी। इस मंदिर को लोग पंच मंदिर के नाम से भी जानते हैं । इस मंदिर पर पिछले कई वर्षों से स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरे सावन मास तक रामचरित मानस का अनवरत पाठ होता रहता है। मुख्य सड़क पर मंदिर का प्रवेश द्वार ही बरबस भक्तों को मंदिर में जाने के लिए प्रेरित करता रहता है। मंदिर के मुख्य पुजारी मुरारी दुबे के मुताबिक सुबह से लेकर शाम तक भक्तों का आना जाना लगा रहता है।
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