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किसान ने दी आत्मदाह की चेतावनी
Updated Sun, 07 Oct 2018 10:48 PM IST
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बैरिया। उत्तरी दियरांचल के लोगों के आवागमन के लिए निर्माणाधीन रामबालक बाबा सेतु के लिए ली गई जमीन के मुआवजा के लिए चक्कर लगाते थक चुके किसान ने पांच नवंबर को आत्मदाह करने की चेतावनी दिया है।
रामबालक बाबा सेतु निर्माण के लिए पीडब्लूडी ने 16 किसानों की जमीन रजिस्ट्री करवाया है। सुरेमनपुर के किसान अरुण कुमार तिवारी ने आरोप लगाया है कि रामबालक बाबा निर्माणाधीन पुल में मेरी भी जमीन ली गई है,लेकिन मेरी जमीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री दूसरे व्यक्ति से करवा लिया गया है। आरोप लगाया है कि तत्कालीन लेखपाल ने निर्माणाधीन पुल के लिए 16 किसानों की सूची बिना सक्षम अधिकारी की संस्तुति के रजिस्ट्री के लिए संबंधित विभाग को दिया। जिस पर जमीन रजिस्ट्री हुई। तिवारी ने कहा कि जमीन के मआवजा के लिए वह कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी व संबंधित विभाग को रजिस्ट्री पत्र के द्वारा आत्मदाह की चेतावनी दी है। हालांकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस बाबत पीडब्लूडी के सहायक अभियंता आरके बाजपेयी ने कहा कि किसान को बताया गया है कि जमीन के संबंध में एसडीएम व तहसीलदार से स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराएं तो मुआवजे का भुगतान किया जा सकता है।
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रामबालक बाबा सेतु निर्माण के लिए पीडब्लूडी ने 16 किसानों की जमीन रजिस्ट्री करवाया है। सुरेमनपुर के किसान अरुण कुमार तिवारी ने आरोप लगाया है कि रामबालक बाबा निर्माणाधीन पुल में मेरी भी जमीन ली गई है,लेकिन मेरी जमीन को फर्जी तरीके से रजिस्ट्री दूसरे व्यक्ति से करवा लिया गया है। आरोप लगाया है कि तत्कालीन लेखपाल ने निर्माणाधीन पुल के लिए 16 किसानों की सूची बिना सक्षम अधिकारी की संस्तुति के रजिस्ट्री के लिए संबंधित विभाग को दिया। जिस पर जमीन रजिस्ट्री हुई। तिवारी ने कहा कि जमीन के मआवजा के लिए वह कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख सचिव, जिलाधिकारी व संबंधित विभाग को रजिस्ट्री पत्र के द्वारा आत्मदाह की चेतावनी दी है। हालांकि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इस बाबत पीडब्लूडी के सहायक अभियंता आरके बाजपेयी ने कहा कि किसान को बताया गया है कि जमीन के संबंध में एसडीएम व तहसीलदार से स्पष्ट रिपोर्ट उपलब्ध कराएं तो मुआवजे का भुगतान किया जा सकता है।
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