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मदरसों में तिरंगा फहराने की पूरी रिपोर्ट तैयार नहीं
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:07 AM IST
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बलिया। राज्य सरकार के निर्देश पर मदरसों में तिरंगा फहराए जाने की पूरी रिपोर्ट अभी जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कार्यालय में नहीं पहुंच सकी है। हालांकि कुछ मदरसों की ओर से इसकी वीडियोग्राफी जमा की गई है।
सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मदरसों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का कार्यक्रम आयोजन करने का निर्देश दिया था। यह भी निर्देश था कि कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कर उसकी क्लिप जिला अल्पसंख्यक कार्यालय को उपलब्ध कराएं। शासन के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कार्यालय की ओर से इस बाबत सभी मदरसों को सूचना भेजी गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की मानें तो कई मदरसों की ओर से इस बाबत वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई गई और जिन्होंने उपलब्ध नहीं कराया है उनसे जल्द वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
जिले में संचालित कुल 250 मदरसों में से महज रसड़ा, सिकंदरपुर, धनौती धुरा रतसड़ और इंद्रौली मलकौली क्षेत्र में चार ही अनुदानित हैं। इन मदरसों में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत एमए बीएड वाले अध्यापकों को प्रतिमाह 12 हजार दिया जाता है। विभागीय अधिकारी की मानें तो जिले में कुल 160 साइंस टीचर कार्यरत हैं। बताया कि कक्षा पांच तक के मदरसे में दो तथा कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले मदरसे में तीन साइंस टीचर रखने का प्रावधान है। बताया कि मदरसे में पढने वाले छात्रों के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है और मदरसे का संचालन सामाजिक सहयोग से किया जाता है।
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कोट
सभी मदरसा संचालकों से स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के बाबत वीडियोग्राफी देने को कहा गया है, कुछ ने जमा भी किया है। अन्य संचालकों को जल्द जमा करने का निर्देश दिया है।
जहीर अब्बास, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मदरसों में तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने का कार्यक्रम आयोजन करने का निर्देश दिया था। यह भी निर्देश था कि कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कर उसकी क्लिप जिला अल्पसंख्यक कार्यालय को उपलब्ध कराएं। शासन के निर्देश पर जिला अल्पसंख्यक कार्यालय की ओर से इस बाबत सभी मदरसों को सूचना भेजी गई। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की मानें तो कई मदरसों की ओर से इस बाबत वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई गई और जिन्होंने उपलब्ध नहीं कराया है उनसे जल्द वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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जिले में संचालित कुल 250 मदरसों में से महज रसड़ा, सिकंदरपुर, धनौती धुरा रतसड़ और इंद्रौली मलकौली क्षेत्र में चार ही अनुदानित हैं। इन मदरसों में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत एमए बीएड वाले अध्यापकों को प्रतिमाह 12 हजार दिया जाता है। विभागीय अधिकारी की मानें तो जिले में कुल 160 साइंस टीचर कार्यरत हैं। बताया कि कक्षा पांच तक के मदरसे में दो तथा कक्षा आठ तक पढ़ाई करने वाले मदरसे में तीन साइंस टीचर रखने का प्रावधान है। बताया कि मदरसे में पढने वाले छात्रों के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है और मदरसे का संचालन सामाजिक सहयोग से किया जाता है।
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सभी मदरसा संचालकों से स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजन के बाबत वीडियोग्राफी देने को कहा गया है, कुछ ने जमा भी किया है। अन्य संचालकों को जल्द जमा करने का निर्देश दिया है।
जहीर अब्बास, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी