{"_id":"5d03cf688ebc3e312f53c2e5","slug":"156053078111-ballia-news3","type":"story","status":"publish","title_hn":"आठ माह बाद हुई बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष के वितीय अधिकार पर रोक की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आठ माह बाद हुई बोर्ड की बैठक में अध्यक्ष के वितीय अधिकार पर रोक की मांग
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बलिया। आठ माह बाद नगर पालिका के सभागार में शुक्रवार को बुलाई गई बोर्ड की बैठक में सभासदों ने हंगामा किया। बैठक के बीच अधिशासी अधिकारी के उठकर जाने के बाद सभासदों ने नारेबाजी की। इस दौरान सभासदों ने नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर उनके वित्तीय अधिकार पर रोक लगाने की मांग की। शहर कोतवाल विपिन सिंह ने ईओ को बैठक में बुलाया तो उनके सामने सभासदों ने एक-एक सवाल उठाए। इसे बिंदुवार प्रस्ताव के रूप में लिखा गया। ईओ ने कहा कि इसपर टिप्पणी लिखने के बाद शासन को भेजा जाएगा।
नगर पालिका सभासदों ने कहा कि शासन से मिले अधिकारों की कटौती की जा रही है। उन्होंने विभिन्न सवालों को उठाते हुए प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सभासदों ने मांग की कि हर महीने नगर पालिका बोर्ड की बैठक कराई जाय। सभासदों के द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर ही कार्य कराया जाए इसके साथ कोई भी कार्य सभासदों के संस्तुति के उपरांत ही कार्यों का भुगतान किया जाय। बोर्ड के सदस्यों ने यह भी जानना चाहा कि आखिर किन परिस्थितियों में बिना टेंडर के ही नाले की सफाई कराई गई। इसपर नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बोर्ड के सदस्यों ने सर्वासम्मति से आधे हुए चौदहवेें वित्त के टेंडर को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया। आठ माह बाद हुए बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ने गंभीरता का परिचय दिया। इसके चलते बड़े सलीके से बोर्ड ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी देेे दी। इस मौके पर सभासद अखिलेश सिंह, विकास पांडेय लाला, उमेश कुमार, शारदा देवी, सुमीत मिश्रा गोलू, संजय यादव, विकास पांडेय लाल, अमित दूबे, पवन कुमार गुप्ता, अलाउद्दीन उर्फ विक्की, मधुलिका गुप्ता, रंजना देवी, चंद्रावती देवी, पम्मी सिंह, बबीता देवी, संगीता देवी, शमशाद, ददन यादव आदि मौजूद रहे।
पिछली बार की घटना को लेकर अलर्ट रही पुलिस : बलिया। नगर पालिका परिषद के बोर्ड बैठक में पिछली बार हुई कहासुनी की घटना के बाद उग्र सभासदों ने बवाल काटा था। इस बार इसी बात को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। आलम यह रहा कि बैठक के बाहर भारी मात्रा में महिला और पुलिस कर्मी को तैनात किया किया गया था। इसके अलावा शहर कोतवाली पुलिस और कई थानों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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नगर पालिका सभासदों ने कहा कि शासन से मिले अधिकारों की कटौती की जा रही है। उन्होंने विभिन्न सवालों को उठाते हुए प्रस्ताव पारित किया। इस दौरान सभासदों ने मांग की कि हर महीने नगर पालिका बोर्ड की बैठक कराई जाय। सभासदों के द्वारा दिए गए प्रस्ताव पर ही कार्य कराया जाए इसके साथ कोई भी कार्य सभासदों के संस्तुति के उपरांत ही कार्यों का भुगतान किया जाय। बोर्ड के सदस्यों ने यह भी जानना चाहा कि आखिर किन परिस्थितियों में बिना टेंडर के ही नाले की सफाई कराई गई। इसपर नगर पालिका अध्यक्ष की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। बोर्ड के सदस्यों ने सर्वासम्मति से आधे हुए चौदहवेें वित्त के टेंडर को निरस्त करने का प्रस्ताव पारित किया। आठ माह बाद हुए बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष ने गंभीरता का परिचय दिया। इसके चलते बड़े सलीके से बोर्ड ने सभी प्रस्तावों को मंजूरी देेे दी। इस मौके पर सभासद अखिलेश सिंह, विकास पांडेय लाला, उमेश कुमार, शारदा देवी, सुमीत मिश्रा गोलू, संजय यादव, विकास पांडेय लाल, अमित दूबे, पवन कुमार गुप्ता, अलाउद्दीन उर्फ विक्की, मधुलिका गुप्ता, रंजना देवी, चंद्रावती देवी, पम्मी सिंह, बबीता देवी, संगीता देवी, शमशाद, ददन यादव आदि मौजूद रहे।
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पिछली बार की घटना को लेकर अलर्ट रही पुलिस : बलिया। नगर पालिका परिषद के बोर्ड बैठक में पिछली बार हुई कहासुनी की घटना के बाद उग्र सभासदों ने बवाल काटा था। इस बार इसी बात को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। आलम यह रहा कि बैठक के बाहर भारी मात्रा में महिला और पुलिस कर्मी को तैनात किया किया गया था। इसके अलावा शहर कोतवाली पुलिस और कई थानों के पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
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