फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   आरक्षण के लिए गरजे आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य

आरक्षण के लिए गरजे आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य

Fri, 30 Jun 2017 11:39 PM IST
Updated Fri, 30 Jun 2017 11:39 PM IST
विज्ञापन
आरक्षण के लिए गरजे आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य
बलिया। आरक्षण बचाओ संघर्ष समिति के आह्वान पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन शुक्रवार को जनपद मुख्यालय पर किया गया। इस दौरान जनपद के विभिन्न ब्लाकों एवं तहसीलों से सैकड़ों की संख्या में अधिकारी कर्मचारी एवं आरक्षण समर्थक लोगों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान जिलाधिकारी को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
विज्ञापन

मांग किया कि आरक्षण को न्यायिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाय, लोकसेवा में लंबित प्रोन्नतियों में आरक्षण का 117वा संविधान संशोधन बिल तुरंत पास कराने, हायर जूडिशियरी में जजो की नियुक्ति के लिए गठित न्यायिक सेवा आयोग में अनुसूचित जाति अनुसूचित जन जाति पिछड़ी जाति एवं अल्पसंख्यक वर्ग में से कम से एक सदस्य अवश्य रखने, समान पद प्रतिष्ठा के समस्त एकल पदों को जोड़कर उनमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ी जाति को आरक्ष्ण दिया जाय। इस दौरान सभा को संबोधति करते हुए अभिराम प्रसाद प्रदेश महासचिव ने कहा कि मनुष्यता के अधिकार से वंचित शूद्रो अतिशूद्रो का कम्यूनल अवार्ड के बदलें 1932 में पूना पैक्ट में वायदा किया गया था कि शिक्षा, नौकरी, विधानमंडलों एवं सेंट्रल पार्लियामेंट तथा अन्य सभी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा और यही पूना पैक्ट दलितों, आदिवासियों तथा पिछड़े वर्गों के मानवीय अधिकारों का आधार बना। लेकिन हमें आजादी के बाद से इस तरह की कोई सुविधा नहीं मिली जो भारतीय राजनीति के लिए अत्यंत ही दुखद बात है। इस मौके पर रामलाल, विनोद कुमार, प्रवीण कुमार, कल्पनाथ, लालचंद्र, रविचंद्र, रामविलास आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed