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पांच साल में 2071 बेरोजगारों को मिला रोजगार
Updated Sat, 02 Sep 2017 12:44 AM IST
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बलिया। सरकार की ओर से कौशल विकास की कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसमें युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था है। सेवायोजन कार्यालय में लगने वाले रोजगार मेले में आने वाली कई कंपनियां बेरोजगारों को चयनित कर अपने यहां सेवा का मौका देती हैं। पिछले पांच साल में 2071 बेरोजगारों को रोजगार मिला है।
जिले में कौशल विकास योजना के तहत कुल नौ प्रशिक्षण केंद्र निर्धारित हैं, जो 19 जुलाई 2017 से संचालित हैं। इसमें चार संस्थाओं के नौ केंद्र सहतवार, सिकन्दरपुर, कदम चौराहा, गड़वार, मनियर, बघुड़ी सिकन्दरपुर तथा आवास विकास कालोनी में दो केंद्र हैं। इन केंद्रों पर कुल छह कोर्स जेनरल ड्यूटी असिस्टेन्ट, रिटेल सेल्स एसोसिएट, ब्यूटी थेरेपिस्ट, सेल्फ एम्प्लाएड टेलर, हैण्ड इम्ब्राइडर का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्ष 2016-17 में कोर्स करने वाले शहर के टुनटुन कुमार, मनोज आदि ने बताया कि उन्हें अभी तक रोजगार नही मिल सका है।
जिला सेवायोजन कार्यालय में पिछले पांच सालों में 65 हजार 658 बेरोजगारों का पंजीकरण हुआ है। ये बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कमोवेश हर महीने विभिन कम्पनियों को बुला कर रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है औऱ युवाओं को रोजगार दिलाने का काम किया जाता है। जिला सेवायोजन अधिकारी एके पांडेय ने बताया कि रोजगार मेला के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाता है। इसमें 18 साल से लेकर 35 साल तक के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले का आयोजन निर्धारित होने पर पंजीकृत बेरोजगारों तक जानकारी भी विभिन माध्यमों से पहुंचाई जाती है। साल में समय-समय पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बलिया और आसपास के युवा भी शामिल होते हैं। तकनीकी और गैरतकनीकी क्षेत्र में युवाओं को साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार दिलाया जाता है।
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जिला सेवायोजन अधिकारी एके पांडेय ने बताया कि पांच साल में कुल 65 हजार 658 बेरोजगारों का पंजीकरण किया गया है। इसमें रोजगार के लिए नौ हजार 239 बेरोजगारों ने रोजगार के लिए रोजगार मेले में प्रतिभाग किया, जिसमें 2171 का चयन विभिन्न कम्पनियों में हुआ।
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जिले में कौशल विकास योजना के तहत कुल नौ प्रशिक्षण केंद्र निर्धारित हैं, जो 19 जुलाई 2017 से संचालित हैं। इसमें चार संस्थाओं के नौ केंद्र सहतवार, सिकन्दरपुर, कदम चौराहा, गड़वार, मनियर, बघुड़ी सिकन्दरपुर तथा आवास विकास कालोनी में दो केंद्र हैं। इन केंद्रों पर कुल छह कोर्स जेनरल ड्यूटी असिस्टेन्ट, रिटेल सेल्स एसोसिएट, ब्यूटी थेरेपिस्ट, सेल्फ एम्प्लाएड टेलर, हैण्ड इम्ब्राइडर का प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्ष 2016-17 में कोर्स करने वाले शहर के टुनटुन कुमार, मनोज आदि ने बताया कि उन्हें अभी तक रोजगार नही मिल सका है।
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जिला सेवायोजन कार्यालय में पिछले पांच सालों में 65 हजार 658 बेरोजगारों का पंजीकरण हुआ है। ये बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए कमोवेश हर महीने विभिन कम्पनियों को बुला कर रोजगार मेला का आयोजन किया जाता है औऱ युवाओं को रोजगार दिलाने का काम किया जाता है। जिला सेवायोजन अधिकारी एके पांडेय ने बताया कि रोजगार मेला के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जाता है। इसमें 18 साल से लेकर 35 साल तक के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले का आयोजन निर्धारित होने पर पंजीकृत बेरोजगारों तक जानकारी भी विभिन माध्यमों से पहुंचाई जाती है। साल में समय-समय पर रोजगार मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बलिया और आसपास के युवा भी शामिल होते हैं। तकनीकी और गैरतकनीकी क्षेत्र में युवाओं को साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार दिलाया जाता है।
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जिला सेवायोजन अधिकारी एके पांडेय ने बताया कि पांच साल में कुल 65 हजार 658 बेरोजगारों का पंजीकरण किया गया है। इसमें रोजगार के लिए नौ हजार 239 बेरोजगारों ने रोजगार के लिए रोजगार मेले में प्रतिभाग किया, जिसमें 2171 का चयन विभिन्न कम्पनियों में हुआ।