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खरवार जाति ने जाति प्रमाणपत्र के लिए दी संघर्ष की चुनौती
Updated Wed, 06 Dec 2017 11:05 PM IST
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सिकन्दरपुर। प्रादेशिक खरवार सभा उप्र की बैठक बुधवार को कस्बा के खरवार भवन जलालीपुर में संपन्न हुई। जिसमें तहसील में खरवार जाति के जाति प्रमाण पत्र को लेकर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए प्रादेशिक खरवार सभा के जिला मंत्री राघवेन्द्र प्रताप खरवार ने कहा कि जिला प्रशासन एवं स्थानीय तहसील प्रशासन द्वारा खरवार जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। जबकि प्रदेश सरकार का निर्देश है कि अनुसूचित जनजाति की जातियों का जाति प्रमाण पत्र निर्गत किया जाए। बावजूद इसके स्थानीय अधिकारी खरवार जनजाति के लोगों को गुमराह कर परेशान कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि बलिया जनपद में खरवार जनजाति के लोग निवास करते हैं जिन्हें भारतीय संविधान संशोधन अधिनियम 2002 तथा उत्तर प्रदेश सरकार शासनादेश संख्या 2003 में अनुसूचित जनजाति के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है। वही पिछली सरकारों में जाति प्रमाण पत्र जारी किया जाता रहा है। लेकिन कुछ समय से खरवार व गोंड़ जाति के साथ अधिकारी साजिश के तहत जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से मांग करते हुए कहा की अगर तत्काल खरवार जाति के लोगों का जाती प्रमाण पत्र निर्गत नही किया गया तो समाज अपने सम्मान के लिए संघर्ष करने को बाध्य होगा। बैठक में मुख्य रूप से विष्णु खरवार ,मुन्नीलाल, राकेश कुमार, अरुण कुमार, धर्मेंद्र प्रताप खरवार, राजीव खरवार, संतोष खरवार, परशुराम खरवार आदि लोग उपस्थित रहे। अध्यक्षता अखिलेश खरवार व संचालन अजय कुमार खरवार ने किया।
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