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डायरिया से महिला की मौत, 13 बीमार
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 18 Aug 2015 09:50 PM IST
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पयागपुर (बहराइच)। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच अमदापुर गांव में डायरिया फैल गया है। इसकी चपेट में आई एक महिला ने सोमवार रात दम तोड़ दिया जबकि गांव के 13 लोग पीड़ित हैं। इनमें तीन की हालत नाजुक है।
महिला की मौत के पूर्व ही डायरिया फैलने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी लेकिन स्वास्थ्य टीम मंगलवार को गांव पहुंची। रोगियों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
पयागपुर के अमदापुर गांव में रविवार शाम डायरिया का प्रकोप शुरू हुआ। गांव के अलग-अलग परिवारों के 13 लोग चपेट में हैं।
इसकी सूचना सोमवार सुबह सीएमओ कार्यालय और सीएचसी में दी गई लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। पीड़ितों में 65 वर्षीय महिला सुघरा की हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे सोमवार शाम सीएचसी पहुंचाया।
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हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। वहां इलाज के बाद रात में सुघरा गांव लौट आई लेकिन देर रात फिर दस्त के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में सुघरा की मौत हो गई।
वहीं, गांव निवासी गुर्गा (5) पुत्र रमजान व घुर्रे के दो पुत्रों का इलाज सीएचसी पयागपुर में चल रहा है, जबकि गांव निवासी झगरू (35) पुत्र भुलई, चच्चू (20) पुत्र भोंदू व पप्पू (डेढ़) पुत्र चच्चू समेत 13 लोग डायरिया की चपेट में हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि सूचना देने के दौरान अगर तत्काल स्वास्थ्य महकमा सजग हो जाता तो महिला की मौत न होती।
इस बारे में सीएचसी पयागपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एनबी जायसवाल का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य पर्यवेक्षक समेत छह चिकित्सकों की टीम गांव में भेजी है। टीम गांव में कैंप कर रही है। दवाओं का वितरण किया जा रहा है।
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महिला की मौत के पूर्व ही डायरिया फैलने की सूचना स्वास्थ्य विभाग को दी गई थी लेकिन स्वास्थ्य टीम मंगलवार को गांव पहुंची। रोगियों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
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पयागपुर के अमदापुर गांव में रविवार शाम डायरिया का प्रकोप शुरू हुआ। गांव के अलग-अलग परिवारों के 13 लोग चपेट में हैं।
इसकी सूचना सोमवार सुबह सीएमओ कार्यालय और सीएचसी में दी गई लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया। पीड़ितों में 65 वर्षीय महिला सुघरा की हालत बिगड़ने पर परिवारीजनों ने उसे सोमवार शाम सीएचसी पहुंचाया।
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हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। वहां इलाज के बाद रात में सुघरा गांव लौट आई लेकिन देर रात फिर दस्त के कारण उसकी हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर में सुघरा की मौत हो गई।
वहीं, गांव निवासी गुर्गा (5) पुत्र रमजान व घुर्रे के दो पुत्रों का इलाज सीएचसी पयागपुर में चल रहा है, जबकि गांव निवासी झगरू (35) पुत्र भुलई, चच्चू (20) पुत्र भोंदू व पप्पू (डेढ़) पुत्र चच्चू समेत 13 लोग डायरिया की चपेट में हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि सूचना देने के दौरान अगर तत्काल स्वास्थ्य महकमा सजग हो जाता तो महिला की मौत न होती।
इस बारे में सीएचसी पयागपुर के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एनबी जायसवाल का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य पर्यवेक्षक समेत छह चिकित्सकों की टीम गांव में भेजी है। टीम गांव में कैंप कर रही है। दवाओं का वितरण किया जा रहा है।