{"_id":"5d8e3b298ebc3e93cd66b497","slug":"two-houses-and-30-bigha-fields-in-the-river-bahraich-news-lko4838814116","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी में समाए दो मकान व 30 बीघा खेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी में समाए दो मकान व 30 बीघा खेत
विज्ञापन
महसी तहसील के टिकुरी में कटान से बचाने के लिए मकान तोड़ते लोग।
- फोटो : BAHRAICH
महसी (बहराइच)। घाघरा नदी की कटान लगातार जारी है। शुक्रवार को महसी क्षेत्र के कोढ़वा और टिकुरी गांव में 30 बीघा खेती योग्य जमीन कटकर नदी में समा गई। वहीं, टिकुरी गांव में दो ग्रामीणों के मकान भी कट गए। कटान तेज होने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, प्रशासन ने अभी तक बचाव के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। कटान तेज होने से कैसरगंज क्षेत्र के भिरगूपुरवा, रोहितपुरवा, महावीरपुरवा आदि गांवों में ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, महसी तहसील क्षेत्र में भी तेजी से कटान हो रही है।
महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा और टिकुरी गांव में ग्रामीणों की 30 बीघा खेती योग्य जमीन कटकर नदी में समा गई है। वहीं टिकुरी गांव निवासी अनवारा देवी और कैलाश का मकान कट गया। ग्रामीणों की धान, मक्का आदि फसल भी नदी में समाहित हो रही है। ग्रामीण मकान तोड़कर सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर से पलायन कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
घाघरा नदी का जलस्तर घटने के साथ ही महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र में कटान तेज हो गई है। कटान तेज होने से कैसरगंज क्षेत्र के भिरगूपुरवा, रोहितपुरवा, महावीरपुरवा आदि गांवों में ग्रामीण अपने आशियाने उजाड़ कर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, महसी तहसील क्षेत्र में भी तेजी से कटान हो रही है।
विज्ञापन
महसी तहसील क्षेत्र के कोढ़वा और टिकुरी गांव में ग्रामीणों की 30 बीघा खेती योग्य जमीन कटकर नदी में समा गई है। वहीं टिकुरी गांव निवासी अनवारा देवी और कैलाश का मकान कट गया। ग्रामीणों की धान, मक्का आदि फसल भी नदी में समाहित हो रही है। ग्रामीण मकान तोड़कर सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर से पलायन कर रहे हैं।
विज्ञापन