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फर्जी शासनादेश से बहराइच में चार नियुक्तियां
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 07 Aug 2015 11:14 PM IST
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एनजीओ के जरिए बेसिक हेल्थ वर्कर व मल्टी परपज वर्कर के नाम पर ठगी करने वाले गैंग की जड़ें बहराइच तक फैली हैं। इस गैंग ने पिछले साल अक्तूबर में फर्जी शासनादेश तैयार कर सीएमओ कार्यालय के स्टाफ से मिलीभगत कर बेसिक हेल्थ वर्कर की चार नियुक्तियां की हैं।
जनवरी में जब नियुक्त कर्मियों के अभिलेख निदेशालय भेजे गए तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले जालसाज फरार चल रहे हैं। निदेशालय ने सीएमओ को जांच कराने के आदेश दिए लेकिन जांच ठप है। वहीं, पटल बाबू का भी बाराबंकी स्थानांतरण हो चुका है।
लखनऊ में पकड़े गए कथित स्पष्ट एनजीओ के ठगों ने राजधानी के अलावा कानपुर, बाराबंकी, फैजाबाद, गोंडा व बहराइच में बेसिक हेल्थ वर्कर (बीएचडब्ल्यू) और मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर (एमपीडब्ल्यू) भर्ती के नाम पर लोगों को चूना लगाया है। इस बात की पुष्टि ठग स्वयं ही पुलिस के सामने कर चुके हैं। महानिदेशक परिवार कल्याण ने 14 अक्तूबर 2014, को तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएन मिश्र को मृतक आश्रित कोटे के तहत बीएचडब्ल्यू की चार नियुक्तियां करने का शासनादेश जारी किया। इस क्रम में सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर व मोतीपुर में दो-दो नियुक्तियां की। इस बाबत तीन दिसंबर व 21 दिसंबर को नियुक्ति के आदेश जारी किए गए।
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जनवरी, 2015 में नियुक्ति किए जाने की सूचना व अभिलेख निदेशालय भेजे गए लेकिन निदेशालय ने नियुक्ति के बाबत किसी भी शासनादेश जारी करने से साफ इंकार कर दिया। जिन मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति की अनुमति दिखाई गई, वह भी फर्जी निकली। इस पर महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग ने 12 फरवरी को संयुक्त निदेशक प्रशासन संजय कुमार शैवाल को जांच के आदेश दिए थे, जिसमें फर्जी नियुक्ति के बाबत शासनादेश जारी करने का खुलासा हुआ। सीएमओ की जांच में भी फर्जीवाड़े का खुलासा हो चुका है। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने वाले बीएचडब्ल्यू तभी से तैनाती स्थल शिवपुर व मोतीपुर से फरार चल रहे हैं।
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जनवरी में जब नियुक्त कर्मियों के अभिलेख निदेशालय भेजे गए तब फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले जालसाज फरार चल रहे हैं। निदेशालय ने सीएमओ को जांच कराने के आदेश दिए लेकिन जांच ठप है। वहीं, पटल बाबू का भी बाराबंकी स्थानांतरण हो चुका है।
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लखनऊ में पकड़े गए कथित स्पष्ट एनजीओ के ठगों ने राजधानी के अलावा कानपुर, बाराबंकी, फैजाबाद, गोंडा व बहराइच में बेसिक हेल्थ वर्कर (बीएचडब्ल्यू) और मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर (एमपीडब्ल्यू) भर्ती के नाम पर लोगों को चूना लगाया है। इस बात की पुष्टि ठग स्वयं ही पुलिस के सामने कर चुके हैं। महानिदेशक परिवार कल्याण ने 14 अक्तूबर 2014, को तत्कालीन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेएन मिश्र को मृतक आश्रित कोटे के तहत बीएचडब्ल्यू की चार नियुक्तियां करने का शासनादेश जारी किया। इस क्रम में सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर व मोतीपुर में दो-दो नियुक्तियां की। इस बाबत तीन दिसंबर व 21 दिसंबर को नियुक्ति के आदेश जारी किए गए।
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जनवरी, 2015 में नियुक्ति किए जाने की सूचना व अभिलेख निदेशालय भेजे गए लेकिन निदेशालय ने नियुक्ति के बाबत किसी भी शासनादेश जारी करने से साफ इंकार कर दिया। जिन मृतक आश्रित कोटे के तहत नियुक्ति की अनुमति दिखाई गई, वह भी फर्जी निकली। इस पर महानिदेशक स्वास्थ्य विभाग ने 12 फरवरी को संयुक्त निदेशक प्रशासन संजय कुमार शैवाल को जांच के आदेश दिए थे, जिसमें फर्जी नियुक्ति के बाबत शासनादेश जारी करने का खुलासा हुआ। सीएमओ की जांच में भी फर्जीवाड़े का खुलासा हो चुका है। कूटरचित दस्तावेजों के सहारे नौकरी हथियाने वाले बीएचडब्ल्यू तभी से तैनाती स्थल शिवपुर व मोतीपुर से फरार चल रहे हैं।