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नए साल में तराईवासियों को मिलेंगी कई सुविधाएं

Thu, 31 Dec 2020 09:50 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Dec 2020 09:50 PM IST
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Terawis will get many facilities in the new year
बहराइच। वैश्विक महामारी कोरोना से जूझ रहे तराईवासियों को नए साल में विकास की नई उम्मीदों की किरण नजर आ रही है। नव वर्ष में अधर में लटके ट्रॉमा सेंटर के शुरू होने की उम्मीद है, जबकि डायलिसिस यूनिट की स्थापना की कवायद को भी अंतिम रूप मिल सकेगा। शिक्षकों की तैनाती होने से स्कूलों में शिक्षा की स्थिति और बेहतर होगी तो वहीं ब्राडगेज लाइन पर ट्रेनों के दौड़ने की भी पूरी उम्मीद है। साथ ही किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य व नई सुविधाएं मिलने की भी संभावना है।
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वर्ष 2020 के शुरुआती दौर में शुरू हुई कोरोना महामारी ने पूरी अर्थ व्यवस्था को चौपट कर दिया। वर्ष 2021 का आगमन होने के साथ ही तराई में विकास की नई योजनाओं को अमलीजामा पहनाए जाने के साथ पुराने रुके हुए कामों के शुरू होने की पूरी उम्मीद है। लगभग दो साल से बनकर तैयार ट्रॉमा सेंटर महामारी के चलते शुरू नहीं हो सका। कर्मचारियों और उपकरणों की व्यवस्था के साथ नए साल में यहां इलाज शुरू होने की उम्मीद है। वहीं मेडिकल कॉलेज परिसर में डायलिसिस यूनिट की स्थापना कर मरीजों को बेहतर सुविधाएं दिए जाने की भी तैयारी अंतिम चरण में है। शिवपुर के बरदहा कला में साढ़े तीन करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकर तैयार हो गया है। उम्मीद है कि नए साल में यहां भी इलाज की सुविधा शुरू हो जाएगी। जिले में 1019 शिक्षकों के मिलने से शिक्षा व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। महिला पॉलीटेक्निक, एकलव्य मॉडल इंटर कॉलेज, तेजवापुर का विद्युत उपकेंद्र, राजकीय पशु चिकित्सालय आदि के भी इसी नए सत्र में शुरू करने की तैयारी है। महसी तहसील के भिरवा गांव में बन रहे आईटीआई कॉलेज का निर्माण आने वाले वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में भी तकनीकी प्रतिभाएं निखरकर सामने आएंगी।
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शहर में बढ़ेंगे वार्ड, कैसरगंज को मिलेंगी शहरी सुविधाएं
शासन की ओर से नगर पालिका परिषद बहराइच के विस्तार को हरी झंडी दे दी गई है। लगभग 12 हजार आबादी और शहरी क्षेत्र में शामिल होगी। ऐसे में वार्डों को बढ़ाए जाने की भी तैयारी की जाएगी। कैसरगंज को अरसे से नगर पंचायत बनाने की मांग भी पूरी हो चुकी है। नगर पंचायत के गठन के साथ यहां भी शहरी सुविधाओं में इजाफा किए जाने की दिशा में काम होगा। कैसरगंज की करीब 26 हजार आबादी को शहरी सुविधाएं मिलेंगी।
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बाढ़ व कटान पीड़ितों को मिलेेंगे आवास
मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दैवीय आपदा के पीड़ित परिवारों को आवास देने की पहल शुरू की गई है। इसका सर्वे शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि नए साल में दैवीय आपदा से पीड़ित परिवारों को छत मिले जाएगी। ग्राम्य विकास विभाग इस दिशा में काम भी शुरू कर चुका है। इसी तरह शहरी क्षेत्र में रहने वाले गरीब परिवारों को भी प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मुहैया कराए जाएंगे।
गांवों में नई सरकार से बढ़ेगी विकास की रफ्तार
जिले के 14 विकास खंडों में पंचायत चुनाव नए साल में शुरू होंगे। प्रशासकों की तैनाती होने के बाद ग्राम पंचायतों में विकास की रफ्तार धीमी हो गई है। पंचायत चुनाव के बाद नई सरकार का गठन होगा, जिससे गांवों में भी विकास की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। जिले के करीब 25 लाख मतदाता ग्राम पंचायतों में प्रत्याशियों के भाग्य पर अपनी मुहर लगाएंगे।

बाईपास पूरा होने से जाम से मिलेगी मुक्ति
बहराइच शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए करीब 50 करोड़ की लागत से बाईपास के निर्माण की कवायद शुरू की गई थी। यह अभी तक पूरा नहीं हो सका है। बाईपास का निर्माण पूरा होने से टिकोरामोड़ से सीधे नानपारा और लखनऊ के लिए वाहन गुजर सकेंगे। नए साल में उम्मीद जताई जा रही है कि बाईपास का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा, जिससे जाम की परेशानी से लोगों को निजात मिल सकेगी।
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