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सॉफ्टवेयर बताएगा बच्चों को कैसे बनाएं सेहतमंद
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 07 Jan 2016 10:04 PM IST
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बहराइच। कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए प्रदेश सरकार फिक्रमंद है। प्रदेश सरकार ने राज्य पोषण मिशन के सहयोग से वेब एप्लीकेशन कुपोषण का दर्पण तैयार किया है।
इससे बच्चे के कुपोषित होने पर उसे कैसे सेहतमंद बनाया जाए, एक क्लिक पर इसकी संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। बस आपको अपने बच्चे का लिंग, उम्र व वजन भरना होगा।
बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का डाटा एप्लीकेशन पर अपलोड कर दिया है। हर माह बच्चों के सेहत सुधार की जानकारी भी अपडेट की जा रही है। सरकार ने इन बच्चों को गांव से अस्पताल ले जाने के साथ ही इनकी नियमित देखरेख के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर बीते सितंबर में राज्य पोषण मिशन ने स्वास्थ्य एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग के संयुक्त प्रयास से वजन दिवस आयोजित किया। इस दौरान 32 हजार 324 बच्चे अतिकुपोषित मिले, जबकि कुपोषित बच्चों का आंकड़ा 92 हजार 301 था। इन बच्चों को सेहतमंद करने के लिए प्रयास जारी हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को पुष्टहार दिया जा रहा है, वहीं नियमित तरीके से अस्पतालों से इलाज भी चल रहा है। करीब तीन माह के प्रयासों से कुछ सार्थक परिणाम भी सामने आए हैं।
विभाग के मुताबिक दिसंबर में 27 हजार 648 अतिकुपोषित मिले हैं। चार हजार 976 बच्चे इस श्रेणी से मुक्त हुए हैं। वहीं कुपोषित बच्चों के आंकड़ों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
2 हजार 739 बच्चे स्वस्थ हुए हैं लेकिन 89 हजार 562 बच्चे अभी भी कुपोषित हैं। इनके खान-पान व इलाज के बाबत नियमित तरीके से देखरेख की जा रही है। अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
ये डाटा वेब एप्लीकेशन कुपोषण का दर्पण पर अपलोड है। बच्चों की सेहत में सुधार के साथ डाटा को अपडेट भी किया जा रहा है।
डाटा अपडेट करने में जुटे 15 कर्मचारी
बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने जिले के सभी ब्लॉक कार्यालयों में डाटा अपडेट व अपलोड करने के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। कार्यालय में भी एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
कोई भी ले सकता है जानकारी
राज्य पोषण मिशन के वेब एप्लीकेशन कुपोषण का दर्पण को संचालित करना बेहद आसान है। मिशन ने इस वेब एप्लीकेशन को अपनी बेवसाइट से लिंक कर दिया है। जिले में पांच वर्ष तक के लगभग 31 हजार 292 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।
इस सॉफ्टवेयर को क्लिक करने के बाद आपको अपने बच्चे का लिंग, उम्र और वजन भरना होगा। इसके बाद कम्प्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामने आ जाएगी। यही नहीं, बच्चे के कुपोषित होने पर उसे कैसे सेहतमंद बनाया जाए, इसकी भी जानकारी मिलेगी।
ऑनलाइन फीडिंग का कार्य जारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या ने बताया कि अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों के डाटा की ऑनलाइन फीडिंग चल रही है। नियमित देखरेख का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा किया जा रहा है।
बच्चे के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार को भी वेब एप्लीकेशन पर अपडेट किया जा रहा है। नवंबर तक जिले में अतिकुपोषित चार हजार 976 बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है। शासन की मंशा के अनुसार कुपोषण के खात्मे के लिए हर संभव प्रयास जारी है।
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इससे बच्चे के कुपोषित होने पर उसे कैसे सेहतमंद बनाया जाए, एक क्लिक पर इसकी संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। बस आपको अपने बच्चे का लिंग, उम्र व वजन भरना होगा।
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बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों का डाटा एप्लीकेशन पर अपलोड कर दिया है। हर माह बच्चों के सेहत सुधार की जानकारी भी अपडेट की जा रही है। सरकार ने इन बच्चों को गांव से अस्पताल ले जाने के साथ ही इनकी नियमित देखरेख के निर्देश दिए हैं।
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प्रदेश सरकार के निर्देश पर बीते सितंबर में राज्य पोषण मिशन ने स्वास्थ्य एवं बाल विकास पुष्टाहार विभाग के संयुक्त प्रयास से वजन दिवस आयोजित किया। इस दौरान 32 हजार 324 बच्चे अतिकुपोषित मिले, जबकि कुपोषित बच्चों का आंकड़ा 92 हजार 301 था। इन बच्चों को सेहतमंद करने के लिए प्रयास जारी हैं।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को पुष्टहार दिया जा रहा है, वहीं नियमित तरीके से अस्पतालों से इलाज भी चल रहा है। करीब तीन माह के प्रयासों से कुछ सार्थक परिणाम भी सामने आए हैं।
विभाग के मुताबिक दिसंबर में 27 हजार 648 अतिकुपोषित मिले हैं। चार हजार 976 बच्चे इस श्रेणी से मुक्त हुए हैं। वहीं कुपोषित बच्चों के आंकड़ों में भी गिरावट दर्ज की गई है।
2 हजार 739 बच्चे स्वस्थ हुए हैं लेकिन 89 हजार 562 बच्चे अभी भी कुपोषित हैं। इनके खान-पान व इलाज के बाबत नियमित तरीके से देखरेख की जा रही है। अभिभावकों को भी जागरूक किया जा रहा है।
ये डाटा वेब एप्लीकेशन कुपोषण का दर्पण पर अपलोड है। बच्चों की सेहत में सुधार के साथ डाटा को अपडेट भी किया जा रहा है।
डाटा अपडेट करने में जुटे 15 कर्मचारी
बाल विकास पुष्टाहार विभाग ने जिले के सभी ब्लॉक कार्यालयों में डाटा अपडेट व अपलोड करने के लिए कर्मचारी तैनात कर रखे हैं। कार्यालय में भी एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई गई है।
कोई भी ले सकता है जानकारी
राज्य पोषण मिशन के वेब एप्लीकेशन कुपोषण का दर्पण को संचालित करना बेहद आसान है। मिशन ने इस वेब एप्लीकेशन को अपनी बेवसाइट से लिंक कर दिया है। जिले में पांच वर्ष तक के लगभग 31 हजार 292 बच्चे अतिकुपोषित श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं।
इस सॉफ्टवेयर को क्लिक करने के बाद आपको अपने बच्चे का लिंग, उम्र और वजन भरना होगा। इसके बाद कम्प्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर बच्चे के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामने आ जाएगी। यही नहीं, बच्चे के कुपोषित होने पर उसे कैसे सेहतमंद बनाया जाए, इसकी भी जानकारी मिलेगी।
ऑनलाइन फीडिंग का कार्य जारी
जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्या ने बताया कि अतिकुपोषित व कुपोषित बच्चों के डाटा की ऑनलाइन फीडिंग चल रही है। नियमित देखरेख का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों द्वारा किया जा रहा है।
बच्चे के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार को भी वेब एप्लीकेशन पर अपडेट किया जा रहा है। नवंबर तक जिले में अतिकुपोषित चार हजार 976 बच्चों की सेहत में सुधार हुआ है। शासन की मंशा के अनुसार कुपोषण के खात्मे के लिए हर संभव प्रयास जारी है।