फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bahraich News ›   Son-in-law had given contract to kill former district panchayat president

Bahraich News: पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की हत्या के लिए दामाद ने दी थी सुपारी

Mon, 01 Sep 2025 01:36 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 01 Sep 2025 01:36 AM IST
विज्ञापन
Son-in-law had given contract to kill former district panchayat president
 कैसरगंज में पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार अपराधी।   - स्रोत : विभाग
बहराइच। कैसरगंज में शनिवार रात हुई मुठभेड़ में भाड़े पर हत्या करने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार सिंह की हत्या की साजिश उनके ही सगे भाई तरुण सिंह के दामाद आलोक कुमार सिंह ने रची थी। इसके लिए शार्प शूटरों को 10 लाख की सुपारी दी गई थी।
विज्ञापन



पूर्व विधायक दृगराज सिंह के तीन पुत्र तरुण सिंह, शैलेंद्र और विजय कुमार सिंह थे। पिता की मौत के बाद पुश्तैनी जमीन तीनों भाइयों के नाम दर्ज हुई। इसमें कुछ जमीन संयुक्त नाम से भी थी। कुछ समय पहले तरुण सिंह की मौत हो चुकी है, तरुण के इकलौते पुत्र की भी सड़क हादसे में असमय मृत्यु हो गई थी। इसके बाद तरुण सिंह की पत्नी अपनी बेटी गुड़िया और दामाद आलोक के साथ लखनऊ शिफ्ट हो गए।
विज्ञापन


लखनऊ में रहते हुए उन्होंने पुश्तैनी जमीन बेचना शुरू किया। इसका विजय कुमार सिंह लगातार विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि जमीन बेचने की बजाय इस्तेमाल की जाए। यही बात तरुण सिंह के दामाद आलोक को नागवार गुज़री।
विज्ञापन
विज्ञापन




रंजिश की आड़ में रची साजिश
विजय कुमार सिंह की स्थानीय स्तर पर गढ़ी निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य अजीत सिंह से चुनावी रंजिश भी चल रही थी। दोनों परिवारों में पूर्व में मारपीट और तोड़फोड़ हो चुकी थी। दो दिन पहले ही अजीत सिंह के बेटे और विजय सिंह के बेटे के बीच भिड़ंत हुई थी। पुलिस के मुताबिक इसी विवाद की आड़ लेकर आलोक ने सोचा कि यदि विजय सिंह की हत्या हो जाए तो शक अजीत सिंह पर जाएगा और जमीन बेचने का रास्ता भी साफ हो जाएगा।




जेल से छूटे शूटरों से की डील
दामाद आलोक ने इसके लिए बाराबंकी जिले के शूटरों से संपर्क साधा। हाल ही में उम्रकैद की सजा काटकर जेल से छूटे शातिर साकेत रावत, परशुराम मौर्य और प्रदीप यादव को 10 लाख की सुपारी दी गई। जांच में पता चला है कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष की हत्या के लिए आलोक ने लगभग दो लाख एडवांस में दिए। सभी शूटरों को लेकर वह शुक्रवार को कैसरगंज पहुंचा। रेकी के बाद तय हुआ कि कड़सर बिटोरा स्थित फार्म पर हर शाम दीप जलाने आने वाले विजय सिंह को वहीं निशाना बनाया जाएगा।




एसटीएफ ने विफल की योजना
शनिवार को संयोग से विजय सिंह दीप जलाकर समय से पहले घर लौट आए तो शूटरों का प्लान फेल हो गया। उधर एसटीएफ पहले से ही जेल से छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखे थी। आरोपियों की लोकेशन ट्रेस होते ही घेराबंदी कर पुलिस ने चारों को दबोच लिया। मुठभेड़ में शूटर परशुराम मौर्य घायल हो गया। एसटीएम के डिप्टी एसपी धर्मेंद्र शाही का कहना है कि पूरा मामला पुश्तैनी जमीन के विवाद से जुड़ा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed