{"_id":"61db181654d86d2b1b35f616","slug":"sho-co-tired-now-sp-asked-for-documents-bahraich-news-lko612748050","type":"story","status":"publish","title_hn":"थानेदार-सीओ थके, अब एसपी ने मांगे दस्तावेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
थानेदार-सीओ थके, अब एसपी ने मांगे दस्तावेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहराइच। बलहा के दो ग्रामसभा क्षेत्रों में हजारों की संख्या बनने वाले शौचालयों का धन पंचायत विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और प्रधान डकार गए। इस मामले में मोतीपुर थाने में दो महीने पहले एफआईआर भी दर्ज हुई, लेकिन अभिलेखों के अभाव में इतने बड़े घोटाले का पर्दाफाश नहीं हो पा रहा है। लाभार्थियों के अभिलेख मांगते-मांगते जब एसएचओ मोतीपुर थक गए तो पुलिस अधीक्षक द्वारा डीपीआरओ को अभिलेख मुहैया कराने को पत्र लिखा गया। हालांकि डीपीआरओ अभिलेख क्यों नहीं दे पा रहे हैं यह अब चर्चा का विषय बना हुआ है। उधर, सीओ नानपारा ने बताया कि यह प्रकरण इतना लंबित हो चुका है कि डीआईजी को संज्ञान लेना पड़ा।
बहला विधायक सरोज सोनकर ने बलहा विकास खंड क्षेत्र के राजापुर और गुलरिया जगतापुर के पात्र लाभार्थियों के शौचालय का करोड़ों रुपये गबन की शिकायत की थी। शौचालय का धन गरीब लाभार्थियों के खातों में न भेजकर पंचायत विभाग के जिम्मेदारों ने स्वयं हड़प लिया। इस प्रकरण पर जब शिकायत हुई तो मोतीपुर थाने में पंचायत सचिव के खिलाफ 29 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस दौरान एसएचओ वृजानंद सिंह ने मामले की जांच के लिए पंचायत विभाग से अभिलेख मांगे थे। दो महीने तक वह अभिलेख मांगते रहे, लेकिन विभागीय अधिकारी टालमटोल करते रहे।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पंचायत विभाग इतने बड़े घोटाले को दबाने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है। जानकारी यह भी प्राप्त हुई है कि इन दो महीनों में तीन सौ लाभार्थियों के खातों में गुपचुप तरीके से पैसे भेजे भी गए हैं। कई लाभार्थियों के हिस्से के शौचालय जांच शुरू होने से पहले ही बनवाए जा रहे हैं। डीपीआरओ द्वारा एक कमेटी भी गठित की गई थी, इस कमेटी का भी कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। कुल मिलाकर पंचायत विभाग द्वारा अभिलेख न देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस प्रकरण पर एसएचओ वृजानंद सिंह ने बताया कि दो महीने से लगातार अभिलेख मांगे जा रहे हैं। खानापूर्ति के लिए कुछ अभिलेख भेजे गए हैं, लेकिन उससे जांच नहीं की जा सकती है। हमें जब पूर्ण अभिलेख नहीं मिल पाए तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय से डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि इस हफ्ते अभिलेख मिल जाएं। फिलहाल फौरी जांच की बात की जाए तो प्रथम दृष्टया प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
डीआईजी ने मामले को लिया संज्ञान
अभिलेखों के अभाव में विवेचना अधिक समय तक लंबित हो चुका है। डीआईजी ने इस विषय पर संज्ञान लिया है। विवेचना के अद्यतन स्थिति की जानकारी उन्हें दी जा रही है। -जंगबहादुर यादव, क्षेत्राधिकारी नानपारा
विज्ञापन
बहला विधायक सरोज सोनकर ने बलहा विकास खंड क्षेत्र के राजापुर और गुलरिया जगतापुर के पात्र लाभार्थियों के शौचालय का करोड़ों रुपये गबन की शिकायत की थी। शौचालय का धन गरीब लाभार्थियों के खातों में न भेजकर पंचायत विभाग के जिम्मेदारों ने स्वयं हड़प लिया। इस प्रकरण पर जब शिकायत हुई तो मोतीपुर थाने में पंचायत सचिव के खिलाफ 29 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। इस दौरान एसएचओ वृजानंद सिंह ने मामले की जांच के लिए पंचायत विभाग से अभिलेख मांगे थे। दो महीने तक वह अभिलेख मांगते रहे, लेकिन विभागीय अधिकारी टालमटोल करते रहे।
विज्ञापन
विभागीय सूत्रों के मुताबिक पंचायत विभाग इतने बड़े घोटाले को दबाने के लिए हर हथकंडे अपना रहा है। जानकारी यह भी प्राप्त हुई है कि इन दो महीनों में तीन सौ लाभार्थियों के खातों में गुपचुप तरीके से पैसे भेजे भी गए हैं। कई लाभार्थियों के हिस्से के शौचालय जांच शुरू होने से पहले ही बनवाए जा रहे हैं। डीपीआरओ द्वारा एक कमेटी भी गठित की गई थी, इस कमेटी का भी कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया। कुल मिलाकर पंचायत विभाग द्वारा अभिलेख न देकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
इस प्रकरण पर एसएचओ वृजानंद सिंह ने बताया कि दो महीने से लगातार अभिलेख मांगे जा रहे हैं। खानापूर्ति के लिए कुछ अभिलेख भेजे गए हैं, लेकिन उससे जांच नहीं की जा सकती है। हमें जब पूर्ण अभिलेख नहीं मिल पाए तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय से डीपीआरओ को पत्र लिखा गया है। उम्मीद है कि इस हफ्ते अभिलेख मिल जाएं। फिलहाल फौरी जांच की बात की जाए तो प्रथम दृष्टया प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
डीआईजी ने मामले को लिया संज्ञान
अभिलेखों के अभाव में विवेचना अधिक समय तक लंबित हो चुका है। डीआईजी ने इस विषय पर संज्ञान लिया है। विवेचना के अद्यतन स्थिति की जानकारी उन्हें दी जा रही है। -जंगबहादुर यादव, क्षेत्राधिकारी नानपारा