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Bahraich News: शौचालय घोटाले में सचिव निलंबित
Sat, 29 Jun 2024 01:58 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 29 Jun 2024 01:58 AM IST
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प्रधान के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में शौचालय योजना में 2018 से 2020 के बीच जमकर हुई था बंदरबांट
वर्तमान डीपीआरओ की जांच में 94 शौचालयों के सापेक्ष लगभग 11 लाख का मिला फर्जीवाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में साल 2018- 20 के दौरान शौचालय योजना में जमकर खेल हुआ था। योजना में भारी संख्या में शौचालय का निर्माण सिर्फ कागजों में दिखा कर करोड़ों रुपयों का बंदरबांट कर लिया गया था। जिसमें अब कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ है। स्थानीय शिकायतकर्ता की शिकायत जांच के बाद डीपीआरओ ने एक सचिव को निलंबित कर दिया है और ग्राम प्रधान पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में भी कई कार्रवाइयां हो चुकी है।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोंगवा निवासी अधिवक्ता रामानंद गोंड और उपेंद्र प्रजापति ने पांच मार्च 2024 को सीडीओ से शौचालय योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। दोनों ने साल 2019-20 के दौरान दर्शाए गए 138 शौचालयों के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। दोनो ने 138 में मात्र 46 शौचालय ग्राम पंचायत द्वारा बनाने और शेष में घपला करने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बीते सात जून को मौके पर जाकर की। जिसमे दो शौचालय अवैध रूप से सरकारी जमीन पर, 37 शौचालय लाभार्थियों द्वारा स्वयं के पैसे से और 55 शौचालय निर्मित ही नही मिले। कुल 94 शौचालयों के निर्माण में 12000 शौचालय की दर से लगभग 11 लाख रुपये का भ्रष्टाचार मिला। जिस पर डीपीआरओ ने सचिव जितेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया। वहीं ग्राम प्रधान माया देवी पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की।
जांच में 94 शौचालयों के निर्माण के अनियमितता मिली है। जिस पर सचिव जितेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया गया हैं। वहीं ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया प्रगति में लाई गई हैं। -राघवेंद्र द्विवेदी, डीपीआरओ
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मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में शौचालय योजना में 2018 से 2020 के बीच जमकर हुई था बंदरबांट
वर्तमान डीपीआरओ की जांच में 94 शौचालयों के सापेक्ष लगभग 11 लाख का मिला फर्जीवाड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
बहराइच। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र में साल 2018- 20 के दौरान शौचालय योजना में जमकर खेल हुआ था। योजना में भारी संख्या में शौचालय का निर्माण सिर्फ कागजों में दिखा कर करोड़ों रुपयों का बंदरबांट कर लिया गया था। जिसमें अब कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ है। स्थानीय शिकायतकर्ता की शिकायत जांच के बाद डीपीआरओ ने एक सचिव को निलंबित कर दिया है और ग्राम प्रधान पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रकरण में भी कई कार्रवाइयां हो चुकी है।
मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोंगवा निवासी अधिवक्ता रामानंद गोंड और उपेंद्र प्रजापति ने पांच मार्च 2024 को सीडीओ से शौचालय योजना में भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। दोनों ने साल 2019-20 के दौरान दर्शाए गए 138 शौचालयों के निर्माण में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। दोनो ने 138 में मात्र 46 शौचालय ग्राम पंचायत द्वारा बनाने और शेष में घपला करने का आरोप लगाया था। जिसकी जांच डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बीते सात जून को मौके पर जाकर की। जिसमे दो शौचालय अवैध रूप से सरकारी जमीन पर, 37 शौचालय लाभार्थियों द्वारा स्वयं के पैसे से और 55 शौचालय निर्मित ही नही मिले। कुल 94 शौचालयों के निर्माण में 12000 शौचालय की दर से लगभग 11 लाख रुपये का भ्रष्टाचार मिला। जिस पर डीपीआरओ ने सचिव जितेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया। वहीं ग्राम प्रधान माया देवी पर कार्यवाही की प्रक्रिया शुरू की।
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जांच में 94 शौचालयों के निर्माण के अनियमितता मिली है। जिस पर सचिव जितेंद्र वर्मा को निलंबित कर दिया गया हैं। वहीं ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्यवाही की प्रक्रिया प्रगति में लाई गई हैं। -राघवेंद्र द्विवेदी, डीपीआरओ
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