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Bahraich News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू , गांवों में घुसा पानी
Wed, 06 Aug 2025 01:34 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Wed, 06 Aug 2025 01:34 AM IST
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महसी के जानकीनगर में कटान से सरयू में समाहित होते मकान। -संवाद
बहराइच। जिले में सरयू नदी का कहर थम नहीं रहा है। सोमवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.39 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 32 सेमी ऊपर है। मिहींपुरवा, महसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के करीब 22 गांवों में पानी घुस चुका है। मिहींपुरवा के मौरहवा व महसी के जानकीनगर में कटान तेज हो गया है। लोग सामान समेटकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं।
जिले के चौधरी चरण सिंह गिरिरापुरी बैराज, शारदा बैराज व सरयू बैराज से मंगलवार को तीन लाख 26 हजार 928 क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। मिहींपुरवा, कैसरगंज व महसी तहसील के 22 से अधिक गांवों में पानी घुस चुका है। लोग ऊंचे स्थानों, स्कूलों और पंचायत भवनों में शरण लिए हुए हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा नाव, राहत सामग्री और टेंट की व्यवस्था शुरू कर दी गई है, लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
मिहींपुरवा क्षेत्र के जंगल गुलरिया, धर्मपुर रेतिया, रामपुर रेतिया, धनियाबेली, सुजौली खल्ला, त्रिलोकी गौड़ी और गौडियाना समेत कई गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। महसी क्षेत्र के पूरे प्रसाद, जानकी नगर और कैसरगंज के कई गांवों में भी बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट मोड में है।
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मौरहवा के बुजुर्ग रामविलास यादव ने बताया कि इस बार कटान बहुत तेज है। अगर दो दिन और ऐसे ही चला, तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा। वहीं महसी का जानकीनगर गांव भी कटान के निशाने पर आ गया है। गांव के लोग दहशत में हैं।
पानी में घिरा पतरहिया गांव, ट्रैक्टर से पहुंचे एसडीएम
बलहा विकास खंड के सरयू नदी किनारे बसे पतरहियां, बंजारिया, धरमपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। कई जगहों पर कटान तेज हो गया है। ग्रामीण राजेश ने बताया कि अगर जलस्तर में और इजाफा हुआ तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
मदद को आया प्रशासन
मिहींपुरवा एसडीएम प्रकाश सिंह सुजौली क्षेत्र की जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ट्रैक्टर से पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार की मौजूदगी में सम्पत पुरवा, धरमपुर रेतिया और रामपुर रेतिया में डोर-टू-डोर लंच पैकेट और पशुओं के लिए भूसा वितरित किया गया। इसके अलावा सुजौली के खैरीपुरवा, टिलवा, मुजवा और अन्य प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर एसडीएम ने वहां की लेखपाल टीम को राहत वितरण की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बताया कि जंगल गुलरिया पंचायत के करीब एक हजार परिवारों को लंच पैकेट और राशन किट दिए गए हैं। जिनके घर जलमग्न हो चुके हैं, उन्हें आनंदनगर के सरकारी स्कूल स्थित शरणालय में शिफ्ट किया गया है। आवाजाही के लिए पांच स्टीमर व नाव भी लगाई गई हैं।
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जिले के चौधरी चरण सिंह गिरिरापुरी बैराज, शारदा बैराज व सरयू बैराज से मंगलवार को तीन लाख 26 हजार 928 क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। मिहींपुरवा, कैसरगंज व महसी तहसील के 22 से अधिक गांवों में पानी घुस चुका है। लोग ऊंचे स्थानों, स्कूलों और पंचायत भवनों में शरण लिए हुए हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा नाव, राहत सामग्री और टेंट की व्यवस्था शुरू कर दी गई है, लेकिन ये प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं।
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मिहींपुरवा क्षेत्र के जंगल गुलरिया, धर्मपुर रेतिया, रामपुर रेतिया, धनियाबेली, सुजौली खल्ला, त्रिलोकी गौड़ी और गौडियाना समेत कई गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं। महसी क्षेत्र के पूरे प्रसाद, जानकी नगर और कैसरगंज के कई गांवों में भी बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट मोड में है।
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मौरहवा के बुजुर्ग रामविलास यादव ने बताया कि इस बार कटान बहुत तेज है। अगर दो दिन और ऐसे ही चला, तो पूरा गांव नदी में समा जाएगा। वहीं महसी का जानकीनगर गांव भी कटान के निशाने पर आ गया है। गांव के लोग दहशत में हैं।
पानी में घिरा पतरहिया गांव, ट्रैक्टर से पहुंचे एसडीएम
बलहा विकास खंड के सरयू नदी किनारे बसे पतरहियां, बंजारिया, धरमपुर रेतिया और रामपुर रेतिया गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। कई जगहों पर कटान तेज हो गया है। ग्रामीण राजेश ने बताया कि अगर जलस्तर में और इजाफा हुआ तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।
मदद को आया प्रशासन
मिहींपुरवा एसडीएम प्रकाश सिंह सुजौली क्षेत्र की जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में ट्रैक्टर से पहुंचे और हालात का जायजा लिया। प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार की मौजूदगी में सम्पत पुरवा, धरमपुर रेतिया और रामपुर रेतिया में डोर-टू-डोर लंच पैकेट और पशुओं के लिए भूसा वितरित किया गया। इसके अलावा सुजौली के खैरीपुरवा, टिलवा, मुजवा और अन्य प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर एसडीएम ने वहां की लेखपाल टीम को राहत वितरण की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने बताया कि जंगल गुलरिया पंचायत के करीब एक हजार परिवारों को लंच पैकेट और राशन किट दिए गए हैं। जिनके घर जलमग्न हो चुके हैं, उन्हें आनंदनगर के सरकारी स्कूल स्थित शरणालय में शिफ्ट किया गया है। आवाजाही के लिए पांच स्टीमर व नाव भी लगाई गई हैं।