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मनरेगा में 7.29 लाख रुपये का घोटाला
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हुजूरपुर के ग्राम अब्बूपुर में जांच करते मनरेगा लोकपाल।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। सरकार की ओर से ग्रामीणों के विकास के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाओं का संचालन किया जा रहा है और मुख्यमंत्री की ओर से भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन किया जा रहा है। बावजूद इसके हुक्मरानों के ढुलमुल रवैए के चलते जिले में ग्रामीण विकास के लिए संचालित योजनाओं में भ्रष्टाचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला हुजूरपुर ब्लॉक की ग्राम पंचायत नकहरा अब्बूपुर का सामने आया है। जहां ग्राम प्रधान ने सचिव व तकनीकी सहायक के साथ मिलीभगत कर लाखों का फर्जीवाड़ा किया और गरीबों के हिस्से के 7.29 लाख रुपये डकार लिए। जिसके बाद मामला मनरेगा लोकपाल के संज्ञान में आने पर उनकी ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। मनरेगा लोकपाल ने तीनों घोटालेबाजों से सरकारी धन की रिकवरी करने व हुजूरपुर थाने में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।
हुजूरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अब्बूपुर निवासी एक शिकायत कर्ता ने मनरेगा लोकपाल उमेश कुमार तिवारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में लाखों का घोटाला होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद 21 अप्रैल 2022 को मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने गांव का स्थलीय निरीक्षण कर आरोपों की जांच की। अब्बूपुर गांव में अगस्त 2020 को शांति देवी के खेत में मनरेगा योजना के तहत तालाब निर्माण दिखाकर 1.87 लाख रुपये निकाले गए थे, जबकि मनरेगा लोकपाल की जांच में मौके पर कोई तालाब खुदा नहीं पाया गया।
यही नहीं जांच में पता चला कि लाभार्थी शांति देवी की मौत तीन वर्ष पहले हो चुकी थी। गांव निवासी पुतान के यहां कैटल शेड के निर्माण के नाम पर 61,910 रुपये निकाले गए थे, जबकि जांच में कैटल शेड का निर्माण नहीं मिला और दस्तावेज फर्जी मिले। इसी प्रकार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महिला आरती के नाम प्रधानमंत्री आवास का 1,20,000 रुपये निकाला गया, जबकि जांच में मौके पर आवास नहीं मिला। इसी प्रकार पवन व अंशिका श्रीवास्तव के नाम पर भी फर्जीवाडा कर प्रधानमंत्री आवास का 2,40,000 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि जांच में मौके पर दोनो आवास निर्मित नहीं पाए गए। गांव निवासी अर्चना के नाम पर भी आवास आवंटित कर 1,20,000 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि साल 2009 में उनके पति को इंदिरा आवास आवंटित हो चुका है और पूरा परिवार उसी में रहता है। अर्चना का भी आवास मौके पर बना नहीं पाया गया।
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जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत धवरिया में निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल का रोका भुगतान
जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत धवरिया में पंचायत भवन की निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल में भी मानकों को दरकिनार कर निर्माण करने की शिकायती की गई थी। मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने तकनीकी सहायक के साथ स्थलीय निरीक्षण किया तो शिकायत सही पाई गई। बाउंड्रीवाल के निर्माण में 40 प्रतिशत पीली ईंटो का निर्माण व मसाले में मौरंग का इस्तेमाल नहीं पाया गया। जिसके बाद मनरेगा लोकपाल ने बाउंड्रीवाल के निर्माण का भुगतान रोक दिया है।
हुजूरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अब्बूपुर में पूर्व प्रधान प्रमोद श्रीवास्तव, तत्कालीन सचिव दीपक व तकनीकि सहायक संजय श्रीवास्तव की ओर से फर्जीवाड़ा कर 7.29 लाख का घोटाला किया गया है। जिसकी जांच कर तीनों से समानुपात में सरकारी धन की रिकवरी करने व हुजूरपुर थाने में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। -उमेश कुमार तिवारी, मनरेगा लोकपाल
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हुजूरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अब्बूपुर निवासी एक शिकायत कर्ता ने मनरेगा लोकपाल उमेश कुमार तिवारी को शिकायती पत्र देकर ग्राम पंचायत में लाखों का घोटाला होने का आरोप लगाया था। जिसके बाद 21 अप्रैल 2022 को मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने गांव का स्थलीय निरीक्षण कर आरोपों की जांच की। अब्बूपुर गांव में अगस्त 2020 को शांति देवी के खेत में मनरेगा योजना के तहत तालाब निर्माण दिखाकर 1.87 लाख रुपये निकाले गए थे, जबकि मनरेगा लोकपाल की जांच में मौके पर कोई तालाब खुदा नहीं पाया गया।
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यही नहीं जांच में पता चला कि लाभार्थी शांति देवी की मौत तीन वर्ष पहले हो चुकी थी। गांव निवासी पुतान के यहां कैटल शेड के निर्माण के नाम पर 61,910 रुपये निकाले गए थे, जबकि जांच में कैटल शेड का निर्माण नहीं मिला और दस्तावेज फर्जी मिले। इसी प्रकार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर महिला आरती के नाम प्रधानमंत्री आवास का 1,20,000 रुपये निकाला गया, जबकि जांच में मौके पर आवास नहीं मिला। इसी प्रकार पवन व अंशिका श्रीवास्तव के नाम पर भी फर्जीवाडा कर प्रधानमंत्री आवास का 2,40,000 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि जांच में मौके पर दोनो आवास निर्मित नहीं पाए गए। गांव निवासी अर्चना के नाम पर भी आवास आवंटित कर 1,20,000 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि साल 2009 में उनके पति को इंदिरा आवास आवंटित हो चुका है और पूरा परिवार उसी में रहता है। अर्चना का भी आवास मौके पर बना नहीं पाया गया।
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जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत धवरिया में निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल का रोका भुगतान
जरवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत धवरिया में पंचायत भवन की निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल में भी मानकों को दरकिनार कर निर्माण करने की शिकायती की गई थी। मनरेगा लोकपाल उमेश तिवारी ने तकनीकी सहायक के साथ स्थलीय निरीक्षण किया तो शिकायत सही पाई गई। बाउंड्रीवाल के निर्माण में 40 प्रतिशत पीली ईंटो का निर्माण व मसाले में मौरंग का इस्तेमाल नहीं पाया गया। जिसके बाद मनरेगा लोकपाल ने बाउंड्रीवाल के निर्माण का भुगतान रोक दिया है।
हुजूरपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत अब्बूपुर में पूर्व प्रधान प्रमोद श्रीवास्तव, तत्कालीन सचिव दीपक व तकनीकि सहायक संजय श्रीवास्तव की ओर से फर्जीवाड़ा कर 7.29 लाख का घोटाला किया गया है। जिसकी जांच कर तीनों से समानुपात में सरकारी धन की रिकवरी करने व हुजूरपुर थाने में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया है। -उमेश कुमार तिवारी, मनरेगा लोकपाल