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तराई में जमकर बरसे ओले, फसलें हुईं बर्बाद
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06 बीएचआर 43 - नवाबगंज में बारिश के दौरान गिरे ओले।
- फोटो : BAHRAICH
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बहराइच। तराई में दो दिनों से मौसम में तेजी से बदलाव दिखा है। शहर में गुरुवार की रात जहां हल्की बरसात हुई, वहीं ग्रामीण अंचलों में रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक झमाझम बरसात का दौर चला। बारिश के साथ ही ओले भी गिरे। तेज हवा और ओले गिरने से गेहूं, सरसों और आलू की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कृषि विभाग और किसानों के अनुसार करीब दो सौ बीघा फसल बर्बाद होने की संभावना है।
तराई में बुधवार की शाम से अचानक मौसम में बदलाव दिखा। तेज हवा चलने के बाद बदली छाई रही। वहीं गुरुवार की रात को बरसात शुरू हुई। शहरी क्षेत्र में जहां हल्की बारिश हुई वहीं ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की सुबह तक बरसात होती रही।
नेपाल सीमा के पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्र में सर्वाधिक बरसात हुई। बारिश का असर सबसे ज्यादा नवाबगंज, रुपईडीहा, अगैया, मटेरा, मिहींपुरवा, बिछिया आदि इलाकों में दिखा। यहां पर बरसात के साथ ही ओले भी गिरे। इससे फसलें काफी हद तक बर्बाद हो गई हैं। तेज हवाएं चलने के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई। इससे गेहूं, मसूर, सरसों और आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। नवाबगंज के किसान श्यामलाल वर्मा, कृपाराम, मोहरिलाल आदि ने बताया कि गेहूं की अगेती फसल में बालियां आ गई थीं। ओले गिरने व तेज हवाओं के कारण खेतों में फसल गिर गई है। अब इसके बर्बाद हो जाने की संभावना सर्वाधिक है।
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बाबागंज के किसान मोहम्मद अख्तर, मनोज पाठक, डॉ. एएम सिद्दीकी, मालिक राम, रामनिवास यादव, अर्जुन वर्मा आदि ने बताया कि लगभग पक रही फसल सरसों, मटर, धनिया, मसूर आदि को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उधर तहसील नानपारा के अगैया चौराहे के आसपास बारिश और ओले गिरने से फसलें चौपट हुई हैं। किसानों ने बताया कि आलू की फसल में पानी भरने से नुकसान अधिक हो सकता है। कृषि विभाग और किसानों के अनुसार करीब दो सौ बीघा फसल बर्बाद होने की संभावना है।
फाल्गुन का महीना चढ़ने के साथ ही आम के पेड़ों में बौर आने शुरू हो गए थे। आम के बौर अभी ठीक से पके भी नहीं हैं, जबकि देर रात से शुरू हुई बारिश, तेज हवा और ओले के कारण बौर गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम ठीक नहीं हुआ तो आम की फसल भी चौपट हो सकती है।
अचानक मौसम खराब होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही किसानों को मुआवजा देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ओले गिरने और बारिश से बर्बाद हुई फसल की सूचना किसान तत्काल दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के शाखा प्रबंधक रामशंकर के मोबाइल नंबर 9450209968 व टोल फ्री नंबर 1800118485 पर दे सकते हैं। जिससे टीम को मौके पर भेजकर फसल के नुकसान का आंकलन कराते हुए मुआवजा दिया जा सके।
- सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी, बहराइच
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि तराई में मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। दो दिनों तक और भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आसमान में बादल छाने के साथ ही बारिश का भी अनुमान है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।
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तराई में बुधवार की शाम से अचानक मौसम में बदलाव दिखा। तेज हवा चलने के बाद बदली छाई रही। वहीं गुरुवार की रात को बरसात शुरू हुई। शहरी क्षेत्र में जहां हल्की बारिश हुई वहीं ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की सुबह तक बरसात होती रही।
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नेपाल सीमा के पहाड़ी इलाकों से सटे क्षेत्र में सर्वाधिक बरसात हुई। बारिश का असर सबसे ज्यादा नवाबगंज, रुपईडीहा, अगैया, मटेरा, मिहींपुरवा, बिछिया आदि इलाकों में दिखा। यहां पर बरसात के साथ ही ओले भी गिरे। इससे फसलें काफी हद तक बर्बाद हो गई हैं। तेज हवाएं चलने के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई। इससे गेहूं, मसूर, सरसों और आलू की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ। नवाबगंज के किसान श्यामलाल वर्मा, कृपाराम, मोहरिलाल आदि ने बताया कि गेहूं की अगेती फसल में बालियां आ गई थीं। ओले गिरने व तेज हवाओं के कारण खेतों में फसल गिर गई है। अब इसके बर्बाद हो जाने की संभावना सर्वाधिक है।
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बाबागंज के किसान मोहम्मद अख्तर, मनोज पाठक, डॉ. एएम सिद्दीकी, मालिक राम, रामनिवास यादव, अर्जुन वर्मा आदि ने बताया कि लगभग पक रही फसल सरसों, मटर, धनिया, मसूर आदि को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उधर तहसील नानपारा के अगैया चौराहे के आसपास बारिश और ओले गिरने से फसलें चौपट हुई हैं। किसानों ने बताया कि आलू की फसल में पानी भरने से नुकसान अधिक हो सकता है। कृषि विभाग और किसानों के अनुसार करीब दो सौ बीघा फसल बर्बाद होने की संभावना है।
फाल्गुन का महीना चढ़ने के साथ ही आम के पेड़ों में बौर आने शुरू हो गए थे। आम के बौर अभी ठीक से पके भी नहीं हैं, जबकि देर रात से शुरू हुई बारिश, तेज हवा और ओले के कारण बौर गिर गए हैं। किसानों का कहना है कि मौसम ठीक नहीं हुआ तो आम की फसल भी चौपट हो सकती है।
अचानक मौसम खराब होने के कारण फसलों को काफी नुकसान हो रहा है। इसके साथ ही किसानों को मुआवजा देने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। ओले गिरने और बारिश से बर्बाद हुई फसल की सूचना किसान तत्काल दि ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के शाखा प्रबंधक रामशंकर के मोबाइल नंबर 9450209968 व टोल फ्री नंबर 1800118485 पर दे सकते हैं। जिससे टीम को मौके पर भेजकर फसल के नुकसान का आंकलन कराते हुए मुआवजा दिया जा सके।
- सतीश कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी, बहराइच
मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि तराई में मौसम में बदलाव शुरू हो गया है। दो दिनों तक और भी बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आसमान में बादल छाने के साथ ही बारिश का भी अनुमान है। ऐसे में किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है।