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Bahraich News: उम्मीद व प्रायश्चित के बीच संपन्न हुई पुलिस भर्ती परीक्षा
Thu, 11 Jun 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 11 Jun 2026 12:29 AM IST
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महाराज सिंह इंटर कॉलेज से पुलिस भर्ती की परीक्षा देकर बाहर निकलते परीक्षार्थी। -संवाद
बहराइच। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ओर से जिले में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा बुधवार को संपन्न हो गई। परीक्षा केंद्रों से बाहर निकलते अभ्यर्थियों के चेहरों पर कहीं सफलता की उम्मीद दिखी तो कहीं बेहतर तैयारी न कर पाने का मलाल। परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र के स्तर और अपने प्रदर्शन को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं।
दूसरी पाली की परीक्षा देकर महाराज सिंह इंटर कॉलेज से बाहर निकले बस्ती निवासी नीरज चौधरी ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा। उनके अनुसार कुछ विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे, जबकि कुछ सरल थे। उन्होंने अपने चयन को लेकर आशा जताई।
वहीं बाराबंकी से आए सतगुरु ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि यदि तैयारी के लिए थोड़ा और समय मिल जाता तो प्रदर्शन बेहतर हो सकता था। उनका कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर उनकी तैयारी से कुछ अधिक रहा।
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बस्ती के सच्चाराम वर्मा ने कहा कि उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र देखने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि यदि आरक्षी भर्ती परीक्षा का स्तर भी उसी प्रकार का होगा तो चयन आसान हो सकता है, लेकिन इस परीक्षा के प्रश्न अपेक्षाकृत अधिक कठिन रहे।
बस्ती निवासी अमर सिंह वर्मा ने भी प्रश्नपत्र को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि आरक्षी भर्ती परीक्षा का स्तर भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं जैसा रहेगा तो अभ्यर्थियों को अधिक गंभीर तैयारी करनी होगी।
कई अन्य अभ्यर्थियों ने कहा कि इस परीक्षा ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए और सफलता के लिए पूरी क्षमता के साथ तैयारी आवश्यक है।
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अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या में दर्ज की गई कमी
जिले के 11 केंद्रों पर आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन प्रथम पाली में कुल 4,224 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 3,280 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 944 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार दूसरी पाली में 889 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। तीन दिनों तक चली परीक्षा में प्रतिदिन अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई।
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सख्ती के साथ कराया गया परीक्षा नियमों का पालन
पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन भी सुरक्षा और पारदर्शिता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने के बाद उन्हें बायोमीट्रिक सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसके बाद प्रवेशपत्र पर होलमार्क लगाया गया। सत्यापन के बाद ही उन्हें निर्धारित सीट पर बैठने की अनुमति दी गई। पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई गई, जबकि उच्चाधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।
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दूसरी पाली की परीक्षा देकर महाराज सिंह इंटर कॉलेज से बाहर निकले बस्ती निवासी नीरज चौधरी ने बताया कि प्रश्नपत्र का स्तर संतुलित रहा। उनके अनुसार कुछ विषयों के प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन थे, जबकि कुछ सरल थे। उन्होंने अपने चयन को लेकर आशा जताई।
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वहीं बाराबंकी से आए सतगुरु ने कहा कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि यदि तैयारी के लिए थोड़ा और समय मिल जाता तो प्रदर्शन बेहतर हो सकता था। उनका कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर उनकी तैयारी से कुछ अधिक रहा।
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बस्ती के सच्चाराम वर्मा ने कहा कि उपनिरीक्षक (एसआई) भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र देखने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि यदि आरक्षी भर्ती परीक्षा का स्तर भी उसी प्रकार का होगा तो चयन आसान हो सकता है, लेकिन इस परीक्षा के प्रश्न अपेक्षाकृत अधिक कठिन रहे।
बस्ती निवासी अमर सिंह वर्मा ने भी प्रश्नपत्र को चुनौतीपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि आरक्षी भर्ती परीक्षा का स्तर भी उच्च प्रतियोगी परीक्षाओं जैसा रहेगा तो अभ्यर्थियों को अधिक गंभीर तैयारी करनी होगी।
कई अन्य अभ्यर्थियों ने कहा कि इस परीक्षा ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रतियोगी परीक्षा को हल्के में नहीं लेना चाहिए और सफलता के लिए पूरी क्षमता के साथ तैयारी आवश्यक है।
अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या में दर्ज की गई कमी
जिले के 11 केंद्रों पर आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन प्रथम पाली में कुल 4,224 पंजीकृत अभ्यर्थियों के सापेक्ष 3,280 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 944 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार दूसरी पाली में 889 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। तीन दिनों तक चली परीक्षा में प्रतिदिन अनुपस्थित अभ्यर्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई।
सख्ती के साथ कराया गया परीक्षा नियमों का पालन
पुलिस भर्ती परीक्षा के अंतिम दिन भी सुरक्षा और पारदर्शिता के सभी मानकों का कड़ाई से पालन किया गया। परीक्षा केंद्रों के मुख्य द्वार पर अभ्यर्थियों की तलाशी लेने के बाद उन्हें बायोमीट्रिक सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। इसके बाद प्रवेशपत्र पर होलमार्क लगाया गया। सत्यापन के बाद ही उन्हें निर्धारित सीट पर बैठने की अनुमति दी गई। पूरी परीक्षा सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न कराई गई, जबकि उच्चाधिकारी लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे।