{"_id":"5d1f96788ebc3e3cb67b6635","slug":"people-sad-bahraich-news-lko4690905122","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे की उपेक्षा ने तराईवासियों को किया मायूस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे की उपेक्षा ने तराईवासियों को किया मायूस
विज्ञापन
बहराइच। लोकसभा में शुक्रवार को रेल बजट भी पेश किया गया। रेल बजट में रेल सुविधाओं को बढ़ाए जाने के लिए पीपीपी को लागू करने की घोषणा की गई। मगर तराई में रेल सेवाओं में इजाफा किए जाने या रेल लाइनों के विस्तारीकरण पर कोई जोर नहीं दिया गया। इससे लोगों को मायूसी ही हाथ लगी है।
बहराइच जिले में गोंडा से होकर मैलानी तक रेल लाइनों का विस्तार है। आजादी के बाद से लेकर आज तक यहां पर मीटरगेज थी। मगर सरकार ने आमान परिवर्तन के काम को पूरा कराकर यहां पर बहराइच से गोंडा के बीच ब्राडगेज लाइन बिछाई है। इसके बावजूद ट्रेनों की संख्या कम होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की उम्मीद लोग जता रहे थे। वहीं रेल लाइनों के विद्युतीकरण के काम के भी पूरा होने की उम्मीद थी। मगर वह भी पूरी नहीं हो सकी। बहराइच से बुढ़वल तक रेल लाइन बिछाए जाने का सर्वे कराए जाने पर भी कोई पहल नहीं होने से लोगों को मायूसी हाथ लगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बहराइच जिले में गोंडा से होकर मैलानी तक रेल लाइनों का विस्तार है। आजादी के बाद से लेकर आज तक यहां पर मीटरगेज थी। मगर सरकार ने आमान परिवर्तन के काम को पूरा कराकर यहां पर बहराइच से गोंडा के बीच ब्राडगेज लाइन बिछाई है। इसके बावजूद ट्रेनों की संख्या कम होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
ट्रेनों की संख्या बढ़ाए जाने की उम्मीद लोग जता रहे थे। वहीं रेल लाइनों के विद्युतीकरण के काम के भी पूरा होने की उम्मीद थी। मगर वह भी पूरी नहीं हो सकी। बहराइच से बुढ़वल तक रेल लाइन बिछाए जाने का सर्वे कराए जाने पर भी कोई पहल नहीं होने से लोगों को मायूसी हाथ लगी है।
विज्ञापन