{"_id":"69c43601d814563f3a0c1370","slug":"pensioners-observed-black-day-and-protested-at-the-collectorate-bahraich-news-c-98-1-slko1009-146385-2026-03-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: पेंशनर्स ने काला दिवस मना कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: पेंशनर्स ने काला दिवस मना कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
Thu, 26 Mar 2026 12:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:52 AM IST
विज्ञापन
बहराइच कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार को धरना देते पेंशनर। -संवाद
बहराइच। कलेक्ट्रेट स्थित धरना स्थल पर बुधवार को संयुक्त पेंशनर्स कल्याण समिति के सदस्यों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर वैलिडेशन एक्ट-2025 के विरोध में काला दिवस मनाया। ऑल इंडिया स्टेट पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में पेंशनर्स ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और पारिवारिक पेंशनर्स शामिल हुए। प्रदर्शन के पश्चात डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस कानून के लागू होने से पेंशनर्स के बीच असमानता बढ़ेगी और पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। संगठन के संरक्षक आरसी चौधरी और सह-संयोजक अजमत अली ने कहा कि यह कानून सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों की मूल भावना के विपरीत है।
विज्ञापन
संयोजक आर पंडित मशरिकी ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। इस अवसर पर सरजीत सिंह, पीएन पाठक और विजय श्रीवास्तव आदि वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और पारिवारिक पेंशनर्स शामिल हुए। प्रदर्शन के पश्चात डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
विज्ञापन
बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि इस कानून के लागू होने से पेंशनर्स के बीच असमानता बढ़ेगी और पुराने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। संगठन के संरक्षक आरसी चौधरी और सह-संयोजक अजमत अली ने कहा कि यह कानून सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों की मूल भावना के विपरीत है।
विज्ञापन
संयोजक आर पंडित मशरिकी ने कहा कि पेंशन कर्मचारियों का संवैधानिक अधिकार है। इस अवसर पर सरजीत सिंह, पीएन पाठक और विजय श्रीवास्तव आदि वक्ताओं ने विचार व्यक्त किए।