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हे भगवान... ये तो तेंदुआ है
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 09 Jan 2016 10:26 PM IST
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उर्रा (बहराइच)। बोलेरो में सवार सभी लोग बात में मशगूल थे। उर्रा-हरखापुर मार्ग पर गाड़ी फर्राटा भर रही थी। अचानक ही व्यापारी ने ब्रेक लगा दी।
उसके परिवार के लोग जब तक खुद को संभालते कि इतने में सबकी नजर सामने खड़े तेंदुए पर पड़ी। गाड़ी के सामने उसे देखकर सभी की सांसें ऊपर-नीचे होने लगीं।
क्या करें क्या न करें...लोग ये फुसफुसा ही रहे थे कि पांच मिनट बाद तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत उर्रा बाजार निवासी सचिन अग्रवाल और नवीन अग्रवाल की प्लास्टिक फर्नीचर की दुकान मिहींपुरवा बाजार में है।
प्रतिदिन की तरह सचिन अपने भाई नवीन के साथ शुक्रवार रात दुकान बंद कर बोलेरो से घर के लिए रवाना हुए। सचिन का भांजा रीतेश अपनी पत्नी मनीषा के साथ शुक्रवार शाम मिहींपुरवा बाजार गया था।
वह भी पत्नी के साथ मामा की गाड़ी में सवार हो गया। परिवार के लोग बातचीत में मशगूल थे। गाड़ी जब रात नौ बजे के आसपास उर्रा-हरखापुर मार्ग पर सौंजहा गांव के पास पहुंचे तभी अचानक सड़क पर तेंदुआ आ गया।
तेंदुआ देखकर सचिन ने ब्रेक लगाई। गाड़ी में सवार सभी लोग सहम गए। ऊहापोह के बीच मुश्किल से पांच मिनट बीते होंगे कि तेंदुआ सड़क से उतरकर जंगल में चला गया।
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फिर राहत की सांस लेकर व्यापारी परिवार समेत घर के लिए रवाना हुए। सभी दहशत में हैं। सचिन और नवीन का कहना है कि शुक्र है कि हम बंद गाड़ी में थे। अगर बाइक से होते तो तेंदुआ हमला भी कर सकता था।
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उसके परिवार के लोग जब तक खुद को संभालते कि इतने में सबकी नजर सामने खड़े तेंदुए पर पड़ी। गाड़ी के सामने उसे देखकर सभी की सांसें ऊपर-नीचे होने लगीं।
क्या करें क्या न करें...लोग ये फुसफुसा ही रहे थे कि पांच मिनट बाद तेंदुआ जंगल की ओर चला गया। तब लोगों ने राहत की सांस ली।
मोतीपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत उर्रा बाजार निवासी सचिन अग्रवाल और नवीन अग्रवाल की प्लास्टिक फर्नीचर की दुकान मिहींपुरवा बाजार में है।
प्रतिदिन की तरह सचिन अपने भाई नवीन के साथ शुक्रवार रात दुकान बंद कर बोलेरो से घर के लिए रवाना हुए। सचिन का भांजा रीतेश अपनी पत्नी मनीषा के साथ शुक्रवार शाम मिहींपुरवा बाजार गया था।
वह भी पत्नी के साथ मामा की गाड़ी में सवार हो गया। परिवार के लोग बातचीत में मशगूल थे। गाड़ी जब रात नौ बजे के आसपास उर्रा-हरखापुर मार्ग पर सौंजहा गांव के पास पहुंचे तभी अचानक सड़क पर तेंदुआ आ गया।
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तेंदुआ देखकर सचिन ने ब्रेक लगाई। गाड़ी में सवार सभी लोग सहम गए। ऊहापोह के बीच मुश्किल से पांच मिनट बीते होंगे कि तेंदुआ सड़क से उतरकर जंगल में चला गया।
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फिर राहत की सांस लेकर व्यापारी परिवार समेत घर के लिए रवाना हुए। सभी दहशत में हैं। सचिन और नवीन का कहना है कि शुक्र है कि हम बंद गाड़ी में थे। अगर बाइक से होते तो तेंदुआ हमला भी कर सकता था।