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लखीमपुर खीरी : दलजीत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर पहुंचे डीएम-एसपी तब हुआ अंतिम संस्कार
Tue, 05 Oct 2021 09:38 PM IST
अनुराग सक्सेना
संवाद न्यूज एजेंसी, नानपारा (बहराइच)
संवाद न्यूज एजेंसी, नानपारा (बहराइच)
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 05 Oct 2021 09:38 PM IST
सार
दलजीत के परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार नहीं करने की सूचना मिलने पर बहराइच के डीएम और एसपी ने आकर उन्हें समझाया तब जाकर वे अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लखीमपुर हिंसा में दलजीत सिंह की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट न मिलने से परिवार नाराज था। परिवार ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही डीएम व एसपी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मृतक किसान के घर लेकर पहुंचे और परिजनों को सौंपी। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
लगभग तीन घंटे की गहमागहमी के बाद परिजनों ने नम आंखों से मृतक का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान लोगों का सैलाब उमड़ा रहा। सभी की आंखों से आंसू गिरते रहे। नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टांड़ा गांव निवासी दलजीत सिंह लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन में गए थे। वहां हुई हिंसा में दलजीत सिंह की मौत हो गई थी। रविवार देर शाम दलजीत का शव घर पहुंचा तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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लगभग तीन घंटे की गहमागहमी के बाद परिजनों ने नम आंखों से मृतक का अंतिम संस्कार किया। इस दौरान लोगों का सैलाब उमड़ा रहा। सभी की आंखों से आंसू गिरते रहे। नानपारा कोतवाली क्षेत्र के बंजारन टांड़ा गांव निवासी दलजीत सिंह लखीमपुर खीरी किसान आंदोलन में गए थे। वहां हुई हिंसा में दलजीत सिंह की मौत हो गई थी। रविवार देर शाम दलजीत का शव घर पहुंचा तो लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा।
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अंतिम संस्कार में उमड़ा लोगों का हुजूम
अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह करने की सहमति बनी, लेकिन मंगलवार दोपहर तक परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली जिससे आक्रोश पनप उठा। लोगों ने अंतिम संस्कार न करने की बात कही। यह जानकारी मिलते ही डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी सुजाता सिंह पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर मृतक के गांव पहुंचे और परिजनों को समझाते हुए रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट की जांच परिजनों ने अपने स्तर से कराई। लगभग आधे घंटे बाद वे अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। दलजीत के शव का अंतिम संस्कार परिजनों ने किया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम थीं।
छावनी में तब्दील रहा गांव
मृतक किसान दलजीत सिंह का गांव छावनी में तब्दील रहा। किसान का शव आने के बाद लोगों का तांता लगा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की फोर्स तैनात रही। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार भी कमान संभाले रहे। आने-जाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी रही।
दोपहर तक चली गहमागहमी शाम को अंतिम संस्कार के बाद शांत हो गई। मृतक किसान के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। हर किसी ने नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान मृतक की पत्नी व मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वे बार-बार बेहोश हो रही थीं।
अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह करने की सहमति बनी, लेकिन मंगलवार दोपहर तक परिजनों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली जिससे आक्रोश पनप उठा। लोगों ने अंतिम संस्कार न करने की बात कही। यह जानकारी मिलते ही डीएम डॉ. दिनेश चंद्र व एसपी सुजाता सिंह पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेकर मृतक के गांव पहुंचे और परिजनों को समझाते हुए रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट की जांच परिजनों ने अपने स्तर से कराई। लगभग आधे घंटे बाद वे अंतिम संस्कार करने को राजी हुए। दलजीत के शव का अंतिम संस्कार परिजनों ने किया। इस दौरान लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। सभी की आंखें नम थीं।
छावनी में तब्दील रहा गांव
मृतक किसान दलजीत सिंह का गांव छावनी में तब्दील रहा। किसान का शव आने के बाद लोगों का तांता लगा रहा। सुरक्षा के मद्देनजर कई थानों की फोर्स तैनात रही। एएसपी ग्रामीण अशोक कुमार भी कमान संभाले रहे। आने-जाने वाले लोगों पर पुलिस की पैनी नजर बनी रही।
दोपहर तक चली गहमागहमी शाम को अंतिम संस्कार के बाद शांत हो गई। मृतक किसान के अंतिम संस्कार के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा रहा। हर किसी ने नम आंखों से विदाई दी। इस दौरान मृतक की पत्नी व मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। वे बार-बार बेहोश हो रही थीं।