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Bahraich News: कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांवों में लगेंगी 1,500 स्ट्रीट लाइटें
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मिहींपुरवा क्षेत्र के गांव में स्ट्रीट लाइट लगने के बाद खुशी मनाते ग्रामीण।
मिहींपुरवा। कतर्नियाघाट के जंगलों से सटे गांवों में अब रात का अंधेरा वन्यजीवों और ग्रामीणों के बीच संघर्ष की वजह नहीं बनेगा। मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने और ग्रामीणों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की ओर से संवेदनशील सीमावर्ती गांवों में 1,500 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। सिग्निफाई इंडिया के सीएसआर सहयोग से चल रही इस परियोजना में वन्यजीवों की आवाजाही और संघर्ष की घटनाओं वाले गांवों को प्राथमिकता दी जा रही है। सभी सात रेंज में चिह्नित हॉटस्पॉट गांवों के प्रवेश द्वार, मुख्य रास्तों और जंगल की सीमा से लगे संवेदनशील स्थानों पर लाइटें लगाई जाएंगी।
डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि ‘इल्यूमिनेटिंग द फॉरेस्ट विलेजेस ऑफ कतर्नियाघाट, उत्तर प्रदेश’ नाम से संचालित परियोजना को सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड (फिलिप्स इंडिया) द्वारा वित्त पोषित किया गया है, जबकि भारत केयर्स संस्था इसे धरातल पर लागू कर रही है। डीएफओ के अनुसार, रोशनी बढ़ने से रात में ग्रामीणों को वन्यजीवों की मौजूदगी का समय रहते पता चल सकेगा और अचानक आमना-सामना होने की आशंका कम होगी। परियोजना का काम तेजी से चल रहा है और जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
महबूबनगर में घटना के बाद तत्काल लगीं लाइटें
डीएफओ ने बताया कि ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में हाल में तेंदुए के हमले में 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद वन विभाग ने वहां तत्काल स्ट्रीट लाइटें लगाईं। विभाग की टीम ने घटना के 24 घंटे के भीतर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उसी दिन गांव में प्रकाश व्यवस्था भी शुरू कर दी।
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ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सुबह-शाम अकेले न निकलने, खेत या सुनसान रास्तों पर समूह में जाने और टॉर्च का इस्तेमाल करने की अपील की है। पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखने, घर और पशुशालाओं के आसपास झाड़ियों की सफाई करने तथा वन्यजीव दिखने पर उसे घेरने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।
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डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि ‘इल्यूमिनेटिंग द फॉरेस्ट विलेजेस ऑफ कतर्नियाघाट, उत्तर प्रदेश’ नाम से संचालित परियोजना को सिग्निफाई इनोवेशंस इंडिया लिमिटेड (फिलिप्स इंडिया) द्वारा वित्त पोषित किया गया है, जबकि भारत केयर्स संस्था इसे धरातल पर लागू कर रही है। डीएफओ के अनुसार, रोशनी बढ़ने से रात में ग्रामीणों को वन्यजीवों की मौजूदगी का समय रहते पता चल सकेगा और अचानक आमना-सामना होने की आशंका कम होगी। परियोजना का काम तेजी से चल रहा है और जल्द पूरा होने की उम्मीद है।
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महबूबनगर में घटना के बाद तत्काल लगीं लाइटें
डीएफओ ने बताया कि ककरहा रेंज के महबूबनगर गांव में हाल में तेंदुए के हमले में 28 वर्षीय युवक की मौत के बाद वन विभाग ने वहां तत्काल स्ट्रीट लाइटें लगाईं। विभाग की टीम ने घटना के 24 घंटे के भीतर तेंदुए का सुरक्षित रेस्क्यू किया और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उसी दिन गांव में प्रकाश व्यवस्था भी शुरू कर दी।
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ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से सुबह-शाम अकेले न निकलने, खेत या सुनसान रास्तों पर समूह में जाने और टॉर्च का इस्तेमाल करने की अपील की है। पशुओं को सुरक्षित बाड़े में रखने, घर और पशुशालाओं के आसपास झाड़ियों की सफाई करने तथा वन्यजीव दिखने पर उसे घेरने या उकसाने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।